सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों के लोड में संशोधन किया है. जानिए नयी दर

पटना : प्रदेश में बालू-गिट्टी की ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सरकार शिकंजा कसेगी. इसे लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए जारी निर्देश में कहा गया है कि परिवहन चालान में लिखी गयी बालू और गिट्टी की मात्रा से जितना अधिक खनिज वाहन पर लोड होगा उस पर बाजार मूल्य के साथ देय स्वामित्व और अन्य करों की वसूली की जायेगी.
खान एवं भूतत्व विभाग के सूत्रों का कहना है कि खनन गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए यदि किसी वाहन के चालक या मालिक खनिजों के देय  मूल्य और अन्य करों का भुगतान करने में असमर्थतता जाहिर करेंगे तो उनके  खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
वैध चालान नहीं होने पर होगी कार्रवाई : वाहन मालिक या चालक के पास वैध परिवहन चालान नहीं होने पर चेकपोस्ट या बैरियर के अधिकारी के पास परिवहन में उपयोग किये जाने वाले वाहन के साथ खनिज को जब्त करने का अधिकार होगा.
जांच के दौरान खनिज लदे कोई भी वाहन बगैर वैद्य चालान के पाये जायेंगे तो वाहन में लदे  खनिज की मात्रा के बाजार मूल्य के साथ देय स्वामित्व और अन्य करों की वसूली की जायेगी.
वाहनों में लोडिंग की मात्रा तय 
भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों के लोड में संशोधन किया है. अब वाहनों के प्रकार के अनुसार वहन क्षमता का निर्धारण किया गया है.
इसके तहत ट्रैक्टर में पहले 100 सीएफटी लोड किया जाता था, संशोधित मात्रा भी यही है. छह चक्का ट्रक में लोडिंग क्षमता पहले 250 सीएफटी थी, अब संशोधित कर इसे 300 सीएफटी कर दिया गया है.
10 चक्का ट्रक में लोडिंग क्षमता 400 सीएफटी थी, इसे बढ़ाकर 450 सीएफटी किया गया है. 12 चक्का ट्रक की लोडिंग क्षमता 500 सीएफटी थी, इसे बढ़ाकर 600 सीएफटी कर दिया गया है. 14 चक्का ट्रक की लोड़िंग क्षमता को 600 से बढ़ाकर 700 सीएफटी कर दिया गया है.
14 चक्का ट्रेलर की लोडिंग क्षमता को 600 से बढ़ाकर 650 सीएफटी कर दिया गया है. 18 चक्का ट्रक की लोडिंग क्षमता को 700 बढ़ाकर 750 सीएफटी कर दिया गया है. इसी तरह 22 चक्का ट्रक की लोडिंग क्षमता को 800 से बढ़ाकर 900 सीएफटी कर दिया गया है.

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