मनीषा दयाल के आसरा होम से 2 संवासिनें फरार; शेल्टर होम चलाने की क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा

पटना. राजीवनगर स्थित आसरा होम की  एकबार फिर लापरवाही सामने आई है. वहां रह रही दो संवासिनें बुधवार की देर रात फरार हो गईं. उनमें एक 30 साल की है, जो मूक-बधिर है. दूसरी 35 साल की है और वह भी बीमार है. दोनों थर्ड फ्लोर पर स्थित किचन के पास पहुंची. किचन के पास गैलरी है, जिससे बगल की छत पर कूदी और वहां से नीचे खाली जमीन पर कूदकर फरार हो गईं.

गुुरुवार की सुबह 9 बजे तक न तो इसकी जानकारी आसरा होम की अधीक्षक डेजी को थी और न ही गार्ड को. जब नौकरानी आई और गिनती शुरू हुई तो दो संवासिनें गायब थीं. उसके बाद दोनों की खोजबीन होने लगी. नहीं मिलने पर अधीक्षक ने करीब 12 बजे राजीवनगर थाने को इसकी लिखित शिकायत दी. सूचना मिलने के बाद थानेदार रोहन कुमार पहुंचे और छानबीन की.
गौरतलब है कि इस आसरा होम में रहने वाली दो संवासिनों की इलाज में लापरवाही की वजह से मौत हो गई थी. दोनों का इलाज नहीं कराने और सरकारी रकम के गबन के आरोप में पुलिस ने मनीषा दयाल और चिरंतन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. यह आसरा होम एनजीओ अनुमाया ह्यूमन रिसोर्सेज फाउंडेशन के तहत पिछले करीब तीन माह से राजीवनगर में चल रहा था. इस एनजीओ की कोषाध्यक्ष मनीषा है जबकि सचिव चिरंतन है.

यूं फरार होना कई सवाल खड़े करता है: 
सवाल है कि दोनों थर्ड फ्लोर से कैसे कूद गई? कहीं भी साड़ी, चादर या रस्सी नहीं मिली है. कहीं ऐसा तो नहीं कि गार्ड को नींद आ गई हो और चाबी से मेन गेट को खाेलकर भाग गई हों. जिस खाली जमीन पर कूदकर भागने की बात सामने आ रही है, वहां पानी है. कहीं दोनों के पांव के निशान भी नहीं हैं। आसरा होम में सिर्फ चार कैमरे लगे हैं. थानेदार ने बताया कि पुलिस ने चारों कैमरों को खंगाला पर दोनों कहीं नहीं दिखी. कहीं ऐसा तो नहीं कि गार्ड की इसमें मिलीभगत हो?


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