UN की संस्था UNRWA को अब फंड नहीं देगा अमेरिका

68 साल पुरानी संयुक्त राष्ट्र की यह एजेंसी 5 मिलियन फिलिस्तीन शरणार्थियों की जॉर्डन, लिबिया, सीरिया, वेस्ट बैंक और गाजा जैसे देशों में मदद कर रही है.
वॉशिंगटन : फिलिस्तीन के रिफ्यूजियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी को अमेरिका अब कोई फंड नहीं देगा. अमेरिका यूएन रीलिफ ऐंड वर्क्स एजेंसी (UNRWA) का सबसे बड़ा डोनर रहा है. अमेरिका ने इस बात की घोषणा शुक्रवार को की. फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के एक प्रवक्ता ने इस फैसले को फिलिस्तीन के लोगों पर हमला बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र के रेजलूशंस को चुनौती देने जैसा है.

स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने हताया कि प्रशासन ने इस मुद्दे को अच्छी तरह से देखा है और फिर फैसला लिया है कि अमेरिका अब UNRWA को कोई फंड नहीं देगा. बता दें कि पिछले साल अमेरिका ने इस एजेंसी को 350 मिलियन डॉलर्स दान किए था.

UNRWA ने भी इस फैसले की आलोचना की है और एजेंसी पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया. 68 साल पुरानी संयुक्त राष्ट्र की यह एजेंसी 5 मिलियन फिलिस्तीन शरणार्थियों की जॉर्डन, लिबिया, सीरिया, वेस्ट बैंक और गाजा जैसे देशों में मदद कर रही है. इनमें से अधिकतर शरणार्थी वे हैं जिन्होंने 1948 के युद्ध के बाद अपना घर छोड़ दिया था.

इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ऐंटोनियो गुटरेस ने कहा कि UNRWA को पूरी उम्मीद है कि दूसरे देश इस फाइनैंशल गैप को खत्म करने में पूरी मदद करेंगे ताकि यह संस्था अपना काम जारी रख सके. ट्रंप के कार्यकाल में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं जिसमें फिलिस्तीन के लोगों की अनदेखी की गई है. इन फैसलों में येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित करना भी शामिल है.


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