भारतीय खुदरा बाजार पर एकाधिकार स्थापित करने की दिशा में अमेज़न का एक धमाकेदार कदम

अमेज़न इंडिया ने अपने ई-कॉमर्स कारोबार से छोटे दुकानदारों को जोडऩे की पहल 2015 में शुरू की थी जिसे उसने उड़ान परियोजना कहा था लेकिन अब उस परियोजना का नाम बदलकर अमेज़न ईजी कर दिया गया है.
ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने और सर्विस डिलीवरी में और तेजी लाने के लिए अमेज़न ने   30,000 से अधिक स्थानीय विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों के साथ करार किया है. इन दुकानदारों को व्यापक खुदरा कारोबारी माहौल के दायरे में लाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है. समझा जाता है कि अगले साल के मध्य तक एमेजॉन के साथ काम करने वाले स्थानीय दुकानदारों की संख्या बढ़कर 1 लाख तक पहुंच सकती है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि छोटे-मोटे दुकानों से होने वाली कोई भी खरीद अमेज़न के दायरे में होगी.
हालांकि इसमें से कुछ खुदरा विक्रेता अमेज़न के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे जबकि अन्य अपनी दुकानों में अमेज़न के लिए गोदाम की जगह मुहैया करांगे और इस तरह उसके लॉजिस्टिक्स का हिस्सा बनेंगे. कुछ अन्य डिजिटल लेनदेन अथवा इनवेंटरी प्रबंधन सेवाओं के लिए उनके भुगतान प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेज़न ओमनी-चैनल का व्यापक आधार तैयार करना चाहती है जिससे उसे न केवल फ्लिपकार्ट (अथवा वॉलमार्ट) जैसी प्रतिस्पर्धियों से मुकाबले में मदद मिलेगी बल्कि रिलायंस रिटेल जैसी व्यापाक ऑफलाइन आधार वाली कंपनियों अथवा ऑनलाइन बाजार में अपना विस्तार करने में भी आसानी होगी.
अमेज़न इंडिया ने अपने ई-कॉमर्स कारोबार से छोटे दुकानदारों को जोडऩे की पहल 2015 में शुरू की थी जिसे उसने उड़ान परियोजना कहा था लेकिन अब उस परियोजना का नाम बदलकर अमेज़न ईजी कर दिया गया है. देश के 21 राज्यों में कंपनी 14,000 से अधिक स्टोरों के साथ करार कर चुकी है. साथ ही स्टोरकिंग, वकरंगी जैसे बड़े नेटवर्क साझेदार और लिंक, इंडियाबायज जैसे छोटे साझेदार के अलावा दुकानदारों के साथ भी उसने करार किया है. अमेज़न ईजी के लिए एक लोगो और ब्रांडिंग भी तैयार की गई है ताकि ग्राहकों को उन स्टोरों को पहचानने और समझने में आसानी हो सके. ब्रांड नाम में ईजी को विशेष तौर पर छोटे शहरों को ध्यान में रखते हुए जोड़ा गया है.
अमेज़न इंडिया के निदेशक (ग्राहक अनुभव एवं विपणन) किशोर थोटा ने कहा, ‘हम इन ऑफलाइन स्टोरों को प्रशिक्षण सामग्रियों से लैस करेंगे ताकि अमेज़न डॉट इन पर सर्चिंग, ब्राउजिंग एवं नेविगेशन करने और ग्राहकों को अमेज़न खाता खोलने, चेक आउट, भुगतान, जवाब की स्थिति एवं डिलिवरी संबंधी पूछताछ करने और जरूरत पडऩे पर रिफंड एवं रिटर्न करने में मदद की जा सके. अमेज़न ईजी न केवल अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल व्यवस्था से जोडऩे में मदद करेगी बल्कि वह अर्धकुशल एवं आंशिक कुशल लोगों के लिए स्वरोजगार एवं रोजगार के अन्य अवसर भी सृजित करेगी.’
अमेज़न ने ‘आई हैव स्पेस’ कार्यक्रम के तहत 225 शहरों के 17,500 स्टोरों में गोदाम के लिए उल्लेखनीय जगह भी हासिल कर ली है. इससे कंपनी को त्वरित डिलिवरी करने में आसानी होगी. कंपनी के एक करीबी सूत्र ने कहा, ‘ये सभी स्टोर अमेज़न के ओमनी चैनल कारोबार के लिए एक मोर्चा मुहैया कराएगा.’ बड़े फॉर्मेट वाले खुदरा क्षेत्र में ग्राहकों के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अमेज़न आदित्य बिड़ला समूह के फूड एवं ग्रोसरी शृंखला कारोबार में 49 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करीब 55 करोड़ डॉलर के एक सौदे के तहत करने जा रही है. इसके अलावा कंपनी किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप में भी करीब 60 करोड़ डॉलर के साथ छोटी हिस्सेदारी हासिल करने की योजना बना रही है.

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