दलित पासवान परिवार के बंधुआ मजदूर नहीं हैं: दामाद ने ससुर के खिलाफ मोर्चा खोला

पटना: बिहार की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के मुखिया और केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान के खिलाफ उनके दामाद ने ताल ठोक दी है. हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में शामिल हुए पासवान के दामाद अनिल साधु ने कहा है कि अगर आरजेडी ने उन्हें मौका दिया, तो पासवान परिवार के खिलाफ चुनाव लड़ने में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है. उन्होंने पासवान पर दलितों के अपमान का भी आरोप लगाया.

पासवान के दामाद अनिल साधु ने कहा, ‘अगर आरजेडी ने मुझे या मेरी पत्नी आशा पासवान को टिकट दिया, तो निश्चित रूप से हम पासवान परिवार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे.’ अनिल ने पासवान पर खुद के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा, ‘उन लोगों ने (पासवान परिवार) केवल मेरी बेइज्जती नहीं की है, बल्कि एससी/एसटी(अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति) का भी अपमान किया है. दलित उनके बंधुआ मजदूर नहीं हैं.’

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में अनिल साधु ने एलजेपी के टिकट पर मुजफ्फरपुर की बोचहा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी. साधु इसी साल मार्च में तेजस्वी यादव की एक जनसभा के दौरान आरजेडी में शामिल हुए थे. आरजेडी का दामन थामते हुए अनिल ने पासवान पर दलितों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया था.

बिहार में एलजेपी का एनडीए के साथ गठबंधन है. 2014 के लोकसभा चुनाव में एलजेपी ने राज्य की 40 में से 6 सीटों पर कामयाबी हासिल की थी. राज्य में इस बार सीटों के बंटवारे पर एनडीए के अंदर तस्वीर साफ नहीं है. जेडीयू के अलावा आरएलएसपी ने भी ज्यादा सीटों की डिमांड को लेकर बीजेपी पर दबाव बनाया हुआ है.


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