क्रेजी किया रे: I Phone, BF- GF या फिर बिंदास बोली ने…?

  1. बेबाक, बिंदास, फैशनेबल, काॅन्फिडेंट, कैरियर काॅन्शंस और गंभीर युवा या फिर गंभीर विषयों से परे पढ़ने-लिखने से दूर भागने वाला, जरा सी बात पर घर छोड़कर आत्महत्या करनेवाला. यह बातें आपको contradictory या विरोधाभासी लग सकती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यह दोनों ही पक्ष आज के युवाओं पर लागू हैं. आज के युवाओं को अगर आप समझने की कोशिश करें तो आपका सामना इसी तरह की कई बातों से होगा.

बेबाक-बिंदास युवा
आज के युवाओं पर गौर करें तो वे हमें बहुत ही काॅन्फिडेंट नजर आते हैं. वे अपनी बातों को पूरे भरोसे के साथ सबके सामने रखते है, अपना नजरिया शेयर करते हैं. उनकी बातें तार्किक भी हैं, जिसके कारण कई बार हम उनके ज्ञान से चकित भी हो सकते हैं. युवाओं को घूमने फिरने का शौक है. वे अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं. वे समझौतावादी नहीं है और खुलकर जीना चाहते हैं.

BF- GF तो है पर दिल पर नहीं लेते
आज शायद ही कोई ऐसा लड़का या लड़की हो, जिसका कोई BF- GF ना हो, लेकिन दिखने में जो रिश्ता बहुत करीबी और जुड़ा महसूस होता है, दरअसल उसमें गहराई की कमी होती है. एक दूसरे से ब्रेकअप का चलन आम है, लेकिन जो चीज खतरा महसूस होती है, वह है बदले की भावना. रिश्ता टूटने पर एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने की टेंडेंसी बढ़ती जा रही है, जिसके कारण अंतरंग तसवीरें, वीडियो वायरल करना, एक दूसरे की जान ले लेने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.

अजब-गजब शब्दकोश
आज के युवाओं के शब्दकोश में अजब-गजब शब्द हैं जिसे बोलने में वे जरा भी संकोच नहीं करते. मसलन क्या उखाड़ लोगे, मेरी तो फटती है, तेरे बम में दम है, मस्त दिख रही है. पहले तो लड़कियां गालियों से बचती थीं, लेकिन अब वे भी मां-बहन की गालियां खुलेआम दे रही हैं, यहांतक कि अपने ब्वाॅयफ्रेंड को भी गलियाने में भी कोई संकोच नहीं कर रही हैं.

नए नए करियर  आॅप्शन के हैं दीवाने

आज का युवा टिपिकल कैरियर आॅप्शन की बजाय नये आॅप्शंस का दीवाना है, वह YOUTUBE Channel पर अपनी प्रतिभा दिखा रहा  है. ब्लाॅग लिख रहा है. इंजीनियरिंग छोड़ कोई स्टाॅर्टअप शुरु कर रहा है और बेहद संतुष्ट भी है. सिर्फ नये कैरियर आॅप्शन को ही नहीं कुछ अलग करने की चाह भी युवाओं में भरपूर नजर आ रही है.

दोस्तों का जीवन में महत्व बढ़ा
युवाओं के लिए दोस्ती आज बहुत बड़ी चीज है. दोस्त का दखल जीवन के हर फैसले में दिखता है. उसके बिना जीवन जैसे संभव नहीं, ऐसी स्थिति नजर आती है. यही कारण है कि जो तेरा है वो मेरा है जैसे स्लोगन बढ़ रहे हैं.

बढ़ रही है आत्महत्या की प्रवृत्ति
आज का युवा छोटी-छोटी बातों पर अपना आपा खो देता है और आत्महत्या तक कर लेता है. उनके जीवन में तनाव बढ़ गया है और वे खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं. संघर्ष करने की प्रवृत्ति घटती जा रही है. यहां तक की मां-बाप अगर डांट भी दें, तो वे घर छोड़कर जाने की सोच लेते हैं और यहां तक कि आत्महत्या तक कर लेते हैं. सबसे गंभीर बात यह है कि यह प्रवृत्ति छोटे बच्चों में भी बढ़ती जा रही है. एनसीआरबी के डाटा में यह बात खुलकर सामने आयी है कि युवाओं में आत्महत्या के प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है.  प्रतिवर्ष 10 से 24 साल के  4,600 युवा आत्महत्या कर लेते हैं.

युवाओं में घट रही है पढ़ने की इच्छा
आज युवाओं में पढ़ने की प्रवृत्ति घटती जा रही है. यहां तक कि वे एक न्यूज पेपर तक नहीं पढ़ते हैं. साहित्यिक किताबों की बात तो दूर है. यही कारण है कि युवाओं में सामान्य ज्ञान का जबरदस्त अभाव देखा जा रहा है. वे अपने देश के इतिहास से भी अनभिज्ञ हैं. कई सर्वे में इस बात पर चिंता भी व्यक्त की गयी है और विचार भी किया जा रहा है कि युवाओं को पढ़ने के लिए कैसे प्रेरित किया जाये.

गैजेट्‌स के हैं दीवाने
आज का युवा बाजार में उपलब्ध नये-नये गैजेट्‌स का दीवाना है, यही कारण है कि आप युवाओं को हमेशा इससे लैस देखेंगे. सड़क पर चल रहा हो या बेडरूम में पड़ा हो गैजेट्‌स से वह दूर नहीं रह पाता. यहां तक कि वाॅशरूम में भी वह अपने स्मार्टफोन को लेकर ही जाता है. इंटरनेट की दुनिया में आने वाले नये-नये एप इस बात के गवाह हैं. TCS के एक सर्वे के अनुसार 85 प्रतिशत युवा फेसबुक यूज करते हैं और 84 प्रतिशत की इंटरनेट तक पहुंच है. 79 प्रतिशत युवाओं के पास अपना मोबाइल फोन है.


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