जियो को स्पेक्ट्रम बिक्री के लिए नियामक मंजूरी;अनिल दूरसंचार क्षेत्र को अलविदा कहेंगे

रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कंपनी के 14वें वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए दूरसंचार कारोबार को अलविदा किया. उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में भारी उथल-पुथल के बाद आरकॉम अपने दूरसंचार कारोबार से पूरी तरह बाहर निकल जाएगी और भविष्य में रियल एस्टेट कारोबार पर ही ध्यान केंद्रित करेगी. उन्होंने शेयरधारकों को नवी मुंबई में 133 एकड़ में विस्तृत धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (डीएकेसी) के लिए विकास योजनाओं की जानकारी दी.
अंबानी ने कहा, ‘मोबाइल क्षेत्र से बाहर होने के बाद हम उचित समय पर अपने एंटरप्राइज कारोबार (जिसमें एंटरप्राइज, डेटा, सबमरीन एवं लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय वॉइस कॉल शामिल हैं) को भुनाएंगे. रिलायंस रियल्टी (आरकॉम की सहायक इकाई) भविष्य में इस कंपनी के लिए विकास का वाहक होगी. आगे चलकर दूरसंचार क्षेत्र में हमारा शायद ही कोई निवेश होगा.’ आरकॉम ने अगले 10 वर्षों में 133 एकड़ वाले आईटी पार्क डीएकेसी को विकसित करने की योजना बनाई है. उसका उद्देश्य बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) की ही तरह लेकिन उससे दस गुना बड़ा वाणिज्यिक परिसर तैयार करना है. अंबानी ने कहा कि इससे शेयरधारकों के लिए 250 अरब रुपये से अधिक का मूल्य सृजित होगा. उन्होंने मुकेश अंबानी द्वारा दी गई मदद और मार्गदर्शन का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए करीब 3 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र पहले से ही तैयार है जिसे इसी साल किराये पर लगाया जाएगा.
अंबानी ने आरकॉम, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर, रिलायंस कैपिटल, होम फाइनैंस और निप्पॉन लाइफ एएमसी सहित समूह की सभी कंपनियों के शेयरधारकों को संबोधित किया. हालांकि उनके इस बयान पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है कि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो को स्पेक्ट्रम बिक्री के लिए नियामक मंजूरी मिलने के बाद आरकॉम  अपने दूरसंचार कारोबार से पूरी तरह बाहर होगी. उन्होंने 5जी के भविष्य एवं दूरसंचार सेवाओं के लिए आवश्यक पूंजीगत व्यय के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इस प्रकार की चिंताएं इतनी गंभीर हैं कि कंपनी ने इस क्षेत्र से बाहर निकलने का निर्णय लिया क्योंकि यहां तमाम कंपनियां मौजूद हैं.
बैठक के दौरान प्रमुख शेयरधारकों ने लाभांश रिटर्न को लेकर चिंता जताई जबकि कुछ शेयरधारकों ने टोकन लाभांश पर सवाल उठाया जबकि समूह की कंपनियां पूरी तरह ऋण समाधान के इंतजार में हैं. अंबानी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में इन चुनौतियों से निपटा जाएगा. आरकॉम के संदर्भ में शेयरधारकों ने परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजनाओं की समय-सीमा और डीएकेसी के विकास ग्राफ को लेकर चिंता जताई.

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