चीन भारतीय सफ़ेद सरसों वाले जानवरों के चारे के आयात पर लगी रोक हटाये: भारत

भारत ने चीन से सफेद सरसों के आहार के आयात पर लगाया गया 7 साल पुराना प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया है.

भारत चीन को सफेद सरसों के आहार के  खरीद  की बहाली के लिए तैयार करना चाह रहा है जो पशु आहार की एक मुख्य सामग्री होता है. 2011 के आखिर में गुणवत्ता संबंधी चिंता को लेकर चीन द्वारा खरीद पर प्रतिबंध लगाए जाने तक चीन भारत के सफेद सरसों आहार का सबसे बड़ा खरीदार था.  2011 में चीन ने 16.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य के भारतीय तिलहन का आयात किया था.
सोयाबीन का इस्तेमाल पशु आहार बनाने में किया जाता है. पिछले साल यह चीन को निर्यात किया जाने वाला अमेरिका का सबसे बड़ा कृषि उत्पाद था जिसका मूल्य 12.7 अरब डॉलर था. चीन पशु आहार की सामग्री के लिए सफेद सरसों जैसे वैकल्पिक स्रोत भी तलाश रहा है. जुलाई में चीन ने भारत समेत पांच एशियाई देशों के सोयाबीन, सोया खाद्य और सफेद सरसों से शुल्क हटा दिया था, लेकिन चीन का घरेलू आहार उद्योग अब भी भारतीय उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर चिंतित है. दरअसल जांच में कुछ खेपों को मैलकाइट ग्रीन से दूषित पाए जाने के बाद चीन ने आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह एक रंग होता है जिसका इस्तेमाल भारत में अनाज की बोरियों पर छाप के लिए किया जाता है.

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