एलआईसी का विशेष अभियान शुरू: ग्राहक अपनी बंद पालिसी फिर से चालू करवा सकेंगे

एलआईसी का वर्तमान अभियान 15 अक्टूबर, 2018 तक चलेगा.

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने हाल में एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें पॉलिसीधारक अपनी बंद पॉलिसी फिर से चालू कर सकेंगे. इससे उन पॉलिसीधारकों को मदद मिलेगी, जो समय पर या भुगतान के लिए दी गई अवधि में प्रीमियम नहीं चुका पाए. बीमा क्षेत्र में पॉलिसी का निश्चित अवधि से पहले ही बंद होना आम है.  विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह यह है कि बहुत से लोग धारा 80सी के तहत कर बचाने के लिए वित्त वर्ष के अंत में पॉलिसी खरीदते हैं. लेकिन वे आगे प्रीमियम का भुगतान नहीं रखते हैं. इस वजह से कई बीमा कंपनियों में पॉलिसी के बंद होने का अनुपात बहुत अधिक है.

इस वजह से जीवन बीमा कंपनियां समय-समय पर विशेष अभियान चलाती हैं ताकि इन बंद पॉलिसी को फिर से चालू किया जा सके. वे इन अभियानों में रियायत देने और विलंब शुल्क माफ करने की पेशकश करती हैं. जिन ग्राहकों की पॉलिसी बंद हो गई हैं, उन्हें ऐसे मौकों का फायदा उठाना चाहिए. एलआईसी का वर्तमान अभियान 15 अक्टूबर, 2018 तक चलेगा.  फ्यूचर जेनेरली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य विपणन अधिकारी राकेश वाधवा ने कहा, ‘पॉलिसीधारक इन अभियानों में केवल अपना बकाया प्रीमियम चुकाकर अपनी बंद पॉलिसी फिर से चालू करा सकते हैं. इनमें विलंब भुगतान शुल्क माफ कर दिया जाता है.’
इन योजनाओं के तहत पॉलिसी बंद होने की तारीख को कम से कम 2 वर्ष आगे बढ़ा दिया जाता है. पॉलिसीधारकों को पुराने और नए प्रीमियम के अंतर का भुगतान करना होता है. किसी पॉलिसी को अपने पूरी अवधि में ऐसी योजनाओं के तहत केवल एक बार ही फिर से चालू कराया जा सकता है. अगर पॉलिसी छह महीने से कम या तीन साल से अधिक समय से बंद है तो आपको ऐसी योजना का फायदा नहीं मिल पाएगा.  आइडियल इंश्योरेंस ब्रोकर्स के निदेशक अमित अग्रवाल ने कहा, ‘अगर कोई ग्राहक सामान्य समय में पॉलिसी को फिर से चालू करता है तो उसे पूरी प्रीमियम राशि और विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा. उसे अपने स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के लिए फिर से स्वास्थ्य जांच करानी होंगी.’
कंपनियां विशेष अभियानों में विलंब शुल्क और स्वास्थ्य जांच कराने की जरूरत में आंशिक या पूर्णतया राहत दे देती हैं. एलआईसी अपने वर्तमान अभियान में विलंब शुल्क में रियायत मुहैया करा रही है. इस विशेष योजना के तहत अगर आपकी पॉलिसी का बकाया प्रीमियम 1 लाख रुपये से कम है तो आपके विलंब शुल्क में 20 फीसदी या अधिकतम 1,500 रुपये की छूट मिलेगी. उदाहरण के लिए अगर आपका बकाया प्रीमियम 80,000 रुपये है और आप पर 10,000 रुपये विलंब भुगतान शुल्क लगाया गया है तो आपको इस 10,000 पर 1,500 रुपये की छूट मिलेगी न कि 2,000 रुपये की.
हालांकि ग्राहकों को अपनी बंद पॉलिसी फिर से चालू कराने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. किसी पॉलिसी को तभी फिर से चालू कराया जा सकता है, जब इसने बंद होने के बाद एक निश्चित समयावधि पार न की हो. अगर पॉलिसी को बंद हुए 6 महीने से कम समय हुआ है तो पॉलिसीधारक इसे ऑनलाइन ही फिर से चालू करा सकता है. उसे केवल अपने अच्छे स्वास्थ्य के बारे में घोषणा करनी होगी. उम्र और पॉलिसी की राशि के आधार पर अच्छे स्वास्थ्य की घोषणा करने की जरूरत होगी. लेकिन अगर पॉलिसी को बंद हुए 6 महीने से अधिक समय हो चुका है तो आम तौर पर बीमा कंपनियां नए सिरे से स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहती हैं. बंद पॉलिसी को फिर से चालू कराने के लिए सभी बकाया प्रीमियम और और विलंब भुगतान शुल्क चुकाने होंगे.
बंद पॉलिसी को चालू करने के अन्य विकल्प भी हैं:
आपकी बंद पॉलिसी को फिर से चालू करने के लिए कुछ अन्य विकल्प भी हैं. सामान्य समय में पॉलिसी को फिर से चालू कराने के लिए बकाया प्रीमियम और विलंब शुल्क का एकमुश्त भुगतान करना पड़ सकता है. बीमा कंपनियां किश्त फिर से चालू करने की योजना की भी पेशकश करती हैं. इसमें पॉलिसीधारक को बकाया राशि के मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना भुगतान की सुविधा दी जाती है. पॉलिसीधारक को बकाया प्रीमियम के शेष हिस्से का 2 साल में समान किस्तों में भुगतान करना होगा. साथ ही उन्हें पॉलिसी की अवधि के मुताबिक नियमित प्रीमियम चुकाना होगा. पॉलिसीधारकों के पास पॉलिसी ऋण लेकर पॉलिसी को फिर से चालू कराने का भी विकल्प होता है.

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