देव आनंद : बॉलीवुड का स्टाइलिश अभिनेता, जिसने जीवन में इन तीन महिलाओं से की मोहब्बत…

गले में लहराता स्कॉर्फ, काला कोट, मदहोश करती मुस्कान और सिर हिलाने का अनोखा अंदाज. बॉलीवुड में इतना स्टाइलिश कौन अभिनेता हुआ? यह सवाल करते ही आपके सामने जिस अभिनेता का चेहरा सबसे पहले उभरेगा वह हैं देव आनंद. बॉलीवुड में देव साहब पहले ऐसे अभिनेता कहे जा सकते हैं, जिन्हें उनके स्टाइल के कारण जाना जाता था. इसमें कोई दो राय नहीं कि एक जमाने में बॉलीवुड में उनका क्रेज था. हालांकि देव साहब ने कभी यह नहीं सोचा था कि वे अभिनेता बनेंगे लेकिन वे बने और जब बनें तो छा गये कहना सही होगा. आज 26 सितंबर को उनके जन्मदिन पर उन्हें याद करते हुए आइए चर्चा करें उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर:-

राजकपूर, दिलीप कुमार और देवानंद की तिकड़ी:

अनोखे अंदाज के लिए हुए चर्चित देव आनंद बॉलीवुड की तिकड़ी के सदस्य थे. लेकिन दिलीप कुमार और राजकपूर के अंदाज में वो बात नहीं थी, जो देव साहब में थी. हालांकि इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि अभिनय के मामले में दिलीप कुमार उनपर भारी थे. बावजूद इसके देव साहब के कैरियर में कई ऐसी फिल्में भी थी जिन्होंने उन्हें एक महान कलाकार साबित किया. ऐसी फिल्मों में काला पानी, गाइड, जाल, काला बाजार और हमदोनों जैसी फिल्में शामिल हैं. देव आनंद के स्टाइल का जादू कुछ इस कदर था कि कहा जाता है कि उनके काले कोर्ट पहनने पर पाबंदी लगा दी गयी थी. कहते हैं कि कुछ लड़कियों ने छत से छलांग लगा दी थी. हालांकि देव साहब इससे इनकार करते रहे लेकिन उन्होंने यह माना कि काला कोट पहनना उन्हें मना था.

देव साहब ने हमेशा शिद्दत से मोहब्बत की

देव आनंद को अपने काम से प्यार था, साथ ही उन्होंने जिससे भी प्यार किया शानदार तरीके से किया. देव साहब के जीवन में तीन महिलाएं आयीं जिनसे उन्होंने प्यार किया.

Suraiya, Gregory Peck & Dev Anand

उनका पहला प्यार बनकर आयी अभिनेत्री सुरैया.

सुरैया और देव आनंद के इश्क के चर्चे बॉलीवुड में खूब हुए. सुरैया और देव आनंद की पहली मुलाक़ात 1948 में बन रही फिल्म विद्या के दौरान हुई थी. सुरैया उस समय बड़ी स्टार थीं और देव आनंद उस समय अपने करियर की शुरुआत में संघर्ष कर रहे थे. पर सिंगिंग स्टार सुरैया को देव का जेंटलमैन बेहवियर बहुत भाया और वे देव के प्रेम में पड़ गयीं. उस समय वे हॉलीवुड अभिनेता ग्रेगोरी पेक की बहुत बड़ी प्रशंसक हुआ करती थीं. जब १९५० के दशक के शुरुआत में बम्बई आये थे, तो सुरैया ने न केवल अपने घर पर उनकी मेजबानी की, बल्कि उनका ऑटोग्राफ भी लिया.  देव आनंद ने सुरैया को खुश करने के लिए खुद के व्यक्तित्व को ग्रेगोरी पेक के व्यक्तित्व पर ढाला. दोनों का प्रेम परवान चढ़ रहा था. साथ में फ़िल्में भी कर रहे थे. दोनों शादी भी करना चाह रहे थे. पर दोनों का धर्म आड़े आ गया. सुरैया की नानी इस शादी के सख्त खिलाफ थीं. सुरैया अपनी नानी का विरोध करने का हौसला नहीं जुटा सकीं. हालाँकि उन्होंने इस बात के लिए बाद में बहुत अफ़सोस किया: काश उस समय वे देव को हाँ कहने की हिम्मत जुटा सकतीं.”  इस प्रेम सम्बन्ध के टूट जाने के बाद भी सुरैया ने जीवन भर विवाह नहीं किया. सुरैया को देव आनंद ने एक अंगूठी  दी थी, लेकिन जब सुरैया ने शादी से इनकार कर दिया, तो देव आनंद बहुत दुखी हुए थे. बाद में नानी के कहने पर सुरैया को उस अंगूठी को समुद्र में फेंकनी पड़ी.

बाद में देव आनंद ने  एक साक्षात्कार में कहा था कि मैं उसे बहुत पसंद करता था, लेकिन वह साथ नहीं आ पायी जो भी कारण रहे हों. अंगूठी के सवाल पर उन्होंने कहा मैं नहीं जानता उसका उसने क्या किया, रखा या फेंक दिया.

कल्पना कार्तिक यानी मोना सिंह से की शादी:

Dev anand with Kalpana Kartik

सुरैया के बाद देव आनंद के जीवन में कल्पना कार्तिक यानी मोना सिंह आयीं. मोना सिंह मिस शिमला रह चुकी थीं. ‘बाजी’ फिल्म में दोनों ने साथ काम किया. 1954 में दोनों ‘टैक्सी ड्राइवर’ फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. ब्रेक के दौरान देव साहब मोना को लेकर बाहर गये और शादी करके लौटे. देव आनंद ने बताया था कि मोना सिंह एक ईसाई महिला थी और बहुत ही प्रगतिशील और आत्मनिर्भर थी. लेकिन उन्होंने उनके घर को संवारा, दो बच्चों को पाला. लेकिन उनकी जिंदगी में देव साहब ने कभी दखल नहीं दिया. दोनों आत्मनिर्भर थे और रहे.

जब देव साहब को जीनत अमान से मोहब्बत हुई और यूं टूटा दिल

Dev Anand and Jeenat Aman in Heera Panna film

देव साहब ने अपनी आत्मकथा ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में लिखा है कि ‘हरे रामा हरे कृष्णा ’ में जीनत को डेब्यू कराने के बाद उन्हें ऐसा लगने लगा था कि उन्हें जीनत अमान से प्यार हो गया है. लेकिन इससे पहले कि वे अपनी दिल की बात उससे कह पाते, जीनत ने उनका दिल तोड़ दिया. देव आनंद ने अपनी किताब में लिखा है कि एक पार्टी के दौरान जब वे अपने मन की बात जीनत से कहना चाहते थे, उस वक्त पार्टी में राजकपूर आये और जीनत देव आनंद को छोड़कर इस तरह राजकपूर की बांहों में समाई कि देव आनंद का दिल टूट गया. हालांकि इसके बाद ही राजकपूर ने जीनत को ‘सत्यम्‌ शिवम् सुंदरम्‌’ में ब्रेक दिया. लेकिन देव साहब के मन में जीनत के प्रति प्यार जागा था वह थम गया और देव साहब बहुत दुखी हुए. हालांकि एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा -मैं उसके रवैये से बहुत दुखी था, लेकिन मैं एक ऐसा इंसान हूं जिसे कोई भी दुख ज्यादा देर तक दुखी नहीं कर सकता.

देव साहब ने कई स्टार को दिया ब्रेक

देव आनंद बॉलीवुड की ऐसी शख्सीयत थे जिन्होंने कई स्टार्स को अपनी फिल्मों में ब्रेक दिया. उन्होंने गुरु दत्त जैसे डायरेक्टर को भी ‘बाजी’ फिल्म में निर्देशन का मौका दिया था. उनके अतिरिक्त कई अभिनेता-अभिनेत्री उनकी खोज हैं, मसलन : जीनत अमान, टीना मुनीम, जैकी श्रॉफ, ऋचा शर्मा, तब्बू. गीतकार नीरज को भी देव आनंद ने ही फिल्मों में ब्रेक दिया था.


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