छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार को छुपाने के मामले में सीबीएसई ने स्कूल की मान्यता रद्द की

देहरादून: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने हाल में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद जिले के एक स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है. दसवीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीया छात्रा को कथित रूप से छात्रावास परिसर में ही उसके दो सहपाठियों और दो वरिष्ठ छात्रों ने हवस का शिकार बनाया था. आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मामले को करीब एक महीने तक न केवल छुपाया बल्कि पीड़ित छात्रा और उसकी बहन को मुंह खोलने पर स्कूल से निकालने की भी धमकी दी.

सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि घटना के मद्देनजर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर मंगलवार को उसकी मान्यता रद्द करने के आदेश जारी कर दिया गया. उन्होंने बताया कि संस्थान के खिलाफ यह कार्रवाई घटना के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल परिसर के भ्रमण के दौरान सीसीटीवी कैमरों और पर्याप्त सुरक्षा स्टॉफ की अनुपलब्धता जैसे कई नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद राज्य सरकार द्वारा इसकी संस्तुति किए जाने के बाद की गई है.

ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है, जब राज्य में किसी शैक्षणिक संस्थान के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई है. हालांकि सिंह ने कहा कि स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है और बोर्ड उनका ध्यान रखेगा. लेकिन आदेश के अनुसार अब स्कूल में कक्षा नौ से बारहवीं तक कोई नए दाखिले नहीं होंगे. इस माह सामने आई इस घटना के संबंध में पुलिस चार आरोपी छात्रों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है जिनमें स्कूल की निदेशक लता गुप्ता, प्रधानाचार्य जितेंद्र शर्मा, स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा, उनकी पत्नी तनु मल्होत्रा और स्कूल की आया मंजु शामिल हैं.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गत 14 अगस्त को पीड़िता का एक सहपाठी उसे छात्रावास के पीछे यह कहकर बुलाकर ले गया कि वहां उसे एक शिक्षक बुला रहे हैं. जब वह वहां पहुंची तो एक अन्य सहपाठी और दो अन्य सीनियर छात्र पहले से वहां पहले से मौजूद थे, जो जबरदस्ती उसे उठाकर झाडियों में ले गए और उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया. घटना से दहशत में आई छात्रा ने पूरी घटना अपनी बड़ी बहन को बताई.

पीड़िता की बहन ने छात्रावास की आया से लेकर स्कूल प्रबंधन के अधिकारियों तक सबको इस बारे में बताया. लेकिन आरोप है कि सभी ने न केवल इसे अनसुना कर चुप रहने को कहा, बल्कि इस घटना को उजागर करने पर दोनों बहनों को स्कूल से निकालने की भी धमकी दी. इसी बीच पीड़िता की बहन ने देहरादून में रह रहे अपने एक रिश्तेदार को इसकी सूचना दे दी. राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा, ‘राज्य सरकार की सिफारिश पर सीबीएसई की यह कार्रवाई अन्य स्कूलों के लिए भी एक नजीर साबित होगी.’

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