बीएसएनएल का मोबाइल लाइसेंस 2019 में समाप्त हो रहा; 4 जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम चाहिए

नयी दिल्ली:  दूरसंचार विभाग सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल को 4जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करने के लिए दो माह में केंद्रीय मंत्रिमंडल मंजूरी लेने का कदम उठा सकता है. एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी.,‘‘कैबिनेट नोट का मसौदा अक्टूबर मध्य में तैयार हो जाएगा जिसके बाद इसे अंतर मंत्रालयी विचार विमर्श के लिए जारी किया जाएगा. इसके बाद दूरसंचार विभाग संशोधित नोट के मसौदे के साथ मंत्रिमंडल के पास जाएगा.’’

बीएसएनएल ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपी है:

बीएसएनएल ने सरकार से शेय-पूंजी के एवज में सरकार से 4जी स्पेक्ट्रम लेने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपी है. दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा द्वारा संसद को दी गई जानकारी के अनुसार बीएसएनएल ने सरकार से अपनी स्पेक्ट्रम खरीद के वित्त पोषण हेतु 6,652 करोड़ रुपये का शेयर पूंजी निवेश मांगा है. बीएसएनएल को इस स्पेक्ट्रम खरीद पर अनुमानित 13,885 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे.

बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने इससे पहले  कहा था कि कंपनी राजस्थान को छोड़कर अन्य सभी सर्किलों के लिए 2100 मेगार्ट्ज का स्पेक्ट्रम चाहती है. राजस्थान के लिए कंपनी 800 मेगाहर्ट्ज का स्पेक्ट्रम चाहती है. एमटीएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पी के पुरवार रे सरकार से कंपनी को 6,500 से 7,000 करोड़ रुपये की इक्विटी के एवज में 4जी स्पेक्ट्रम देने का आग्रह किया है. साथ ही कंपनी ने अपने मोबाइल लाइसेंस को 2021 तक विस्तार देने को कहा है. कंपनी का मोबाइल लाइसेंस 2019 में समाप्त हो रहा है.


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