शराबबंदी बिहार की महिलाओं की मांग पर लागू किया है; कोई समझौता स्वीकार नहीं: नीतीश

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि शराबबंदी के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सूबे में इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा.  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नीतीश ने कहा कि गांधीजी के चंपारण आने के 100 वें वर्ष की शुरुआत में ही पूर्ण शराबबंदी लागू की गई. उन्होंने कहा कि इस दौरान समाज सुधार के अनेक कार्यक्रम चलाए गए और इसके लिए समाज सुधार अभियान की शुरुआत की गई.  मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ करने वाले लोगों के साथ कानून सख्ती से कार्रवाई कर रहा है. शराबबंदी के बाद समाज में काफी परिवर्तन आया है और वातावरण बदला है. अब शांति का वातावरण है और शराब छोड़ने के बाद जो पैसे की बचत हो रही है, उसका सदुपयोग बच्चों की अच्छी शिक्षा, खान-पान एवं रहन-सहन पर किया जा रहा है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि शराब न सिर्फ आदमियों से पैसे छिनती है बल्कि अक्ल भी छीन लेती है. शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है. शराबबंदी के लिए हमलोग पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इससे कोई समझौता नहीं करेंगे. आप पुलिस पदाधिकारियों से भी यह कहना चाहता हूं कि आप जनता के बीच जाकर उन्हें प्रेरित करें और इसके खिलाफ लगातार अभियान चलाते रहें तथा गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जुलाई 2015 को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में महिलाओं के एक सम्मेलन में उनकी मांग पर ही हमने शराबबंदी लागू की. इस मौके पर मंच से ही मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि थाने से लेकर सचिवालय, पुलिस मुख्यालय और सभी सरकारी कार्यालयों में गांधी जी की सीख को पोस्टर के जरिये प्रदर्शित किया जाए. पोस्टर में यह भी उल्लेख करें कि ‘पृथ्वी आपकी जरूरतों को पूरा कर सकती है लेकिन लालच को नहीं.’


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