इंडिगो अपना बेड़ा बढाने के लिए एकमुश्त खरीद के बजाय लीजबैक मॉडल को अपनाएगी

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने विमानों की एकमुश्त खरीद की योजना टाल दी है. एयरलाइन अब निकट भविष्य में अपने बेड़े का दायरा बढ़ाने के लिए बिक्री और लीजबैक मॉडल को अपनाएगी, क्योंकि वह नकदी सुरक्षित बनाए रखने की तैयारी कर रही है. कंपनी ऐसे अनिश्चित परिदृश्य में मजबूत नकदी स्तर के साथ स्वयं को मजबूत बनाना चाहती है जब एयरलाइन कंपनियां ऊंची ईंधन कीमत और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के दोहरे दबाव के बावजूद किराया बढ़ाने में सक्षम नहीं रहती हैं.
पिछले साल रणनीति में बदलाव करते हुए इंडिगो ने कहा था कि बिक्री एवं लीजबैक मॉडल का इस्तेमाल करने के बजाय उसके पास अपने स्वयं के विमान होंगे. इसका वजह यह बताई गई थी कि ए320 नई पीढ़ी का विमान होने की वजह से यह ईंधन किफायती प्रौद्योगिकी से संपन्न है और ऐसे विमान पर लंबे समय तक स्वामित्व बनाए रखना उचित होगा जिससे लागत ढांचे में कमी लाने में मदद मिले. विमान के बिक्री और लीजबैक मॉडल से एयरलाइन को अतिरिक्त आय हासिल करने और ऐसे समय में अपना नकदी संतुलन मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी जब किराया युद्घ से दबाव बढऩे की आशंका बनी हुई है.
बाजार के सूत्रों का कहना है कि ईंधन कीमतें ऊंची रहने से इंडिगो ईंधन किफायती ए 320 नियो के लिए बिक्री एवं लीजबैक बाजार में बेहतर स्थिति में रहेगी. एक लीजिंग कंपनी के अधिकारी ने कहा, ‘कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से ईंधन किफायती नियो विमानों के लिए किराया मांग पहले के 1 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.3 करोड़ डॉलर हो गई है. ये विमान 15 प्रतिशत कम ईंधन खर्च करते हैं.’ इंडिगो ने क्षमता वृद्घि पर ध्यान दिया है और उसने जुलाई-सितंबर के दौरान 12 नए ए 320 नियो विमानों को अपने बेड़े में शामिल किया.

[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.