JNU एंट्रेंस टेस्ट के पैटर्न में ये बड़ा बदलाव किया गया है, जानिए क्या…

नयी दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने प्रवेश परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है. अब इस यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए कंप्यूटर पर ऑनलाइन टेस्ट देना होगा. साथ ही इस साल से परीक्षाएं ‘मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन’ आधारित होंगे.

यूनिवर्सिटी ने एक नोटिफिकेशन में इस बात की जानकारी दी है कि प्रवेश परीक्षाएं 27-30 दिसंबर के बीच हो सकती हैं.

पिछले साल तक जेएनयू की प्रवेश परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं होती थीं. एडमिशन फॉर्म सितंबर तक आ जाते थे, लेकिन इस बार ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा कराने की वजह से एडमिशन फॉर्म भी अब तक नहीं आ सका है.

जेएनयू छात्रसंघ ने ऑनलाइन परीक्षाओं का विरोध किया है, साथ ही कई अन्‍य आरोप भी लगाए हैं. इनका कहना है कि ऑनलाइन परीक्षाओं से ‘हेराफेरी’ रुकेगी नहीं, बल्‍कि और बढ़ जाएगी. छात्र उदाहरण के तौर पर एसएससी और व्यापमपरीक्षाओं का उदाहरण देते हैं.

अब तक जेएनयू की परीक्षाओं में सब्जेक्टिव क्वेश्चन होते थे, जिनका जवाब लिखकर देना होता था. अब मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन होंगे, मतलब कि आपको दिए गए ऑप्शन में से एक जवाब चुनना होगा. इसी साल बनी 12 मेंबर वाली कमेटी के जरिए जेएनयू के वाइस चांसलर ने ये फैसला किया है. लेकिन इस फैसले पर भी सवाल खड़े होते हैं.

कुछ छात्रों का कहना जेएनयू की पहचान उसकी बौद्धिकता है. सवाल उठाने के तरीके और बड़े मुद्दों पर अपनी राय रखने की योग्‍यता से ही छात्रों की बौद्धि‍क क्षमता की परख हो सकती है. लेकिन MCQ परीक्षाओं के जरिए इसका आकलन कैसे होगा?

जेएनयू छात्रसंघ का ये भी दावा है कि फैसले लेते वक्त यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सेंटर/स्कूलों से उनकी राय तक नहीं मांगी.


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