नए अधिग्रहणों से ब्रॉडबैंड सेक्टर में अधिपत्य के लिए तैयार रिलायंस जियो

डेन नेटवर्क्‍स और हैथवे केबल ऐंड डेटाकॉम लिमिटेड में 25 फीसदी हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण से रिलायंस जियो दो करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच जाएगी. इस तरह केबल ऐंड फाइबर टु द होम (एफटीटीएच) ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में भी जियो को भारती एयरटेल और सिटी केबल पर उल्लेखनीय बढ़त मिल जाएगी. साथ ही जियो सुभाष चंद्रा की सिटीकेबल के साथ भी सीधी लड़ाई का नया मोर्चा खोल रही है. डेन नेटवर्क्‍स और हैथवे केबल ऐंड डेटाकॉम लिमिटेड के साथ जियो की 8.7 करोड़ उपभोक्ताओं वाले बाजार में 23 फीसदी से अधिक भागीदारी हो जाएगी. दूसरे सबसे बड़े केबल ऑपरेटर सिटी केबल के पास 13.4 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है.

कंपनी के देशभर में 580 स्थानों पर 1.17 करोड़ उपभोक्ता हैं लेकिन वह अब तक केवल 250,000 ब्रॉडबैंड ग्राहकों को ही जोड़ने में कामयाब रही है. यह जंग और तेज होने की आशंका है क्योंकि जियो कंटेट और ब्रॉडकास्टिंग तथा ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म में भी अपना विस्तार कर रही है। जियो की वायकॉम 18 में बहुलांश हिस्सेदारी है.

जियो के इस सौदे से एयरटेल बहुत पीछे छूट जाएगी. कंपनी के पास 25 लाख फिक्स्ड बॉडबैंक उपभोक्ता हैं जिनमें से अधिकांश पुरानी प्रौद्योगिकी से जुड़े हैं. लेकिन कंपनी को अगले तीन साल में फाइबर ब्रॉडबैंड के जरिये दो करोड़ ग्राहक तक पहुंचने की उम्मीद है. अभी कंपनी वायरलाइन कनेक्शन के जरिये 39 लाख घरों से जुड़ी है. फिलहाल कंपनी 89 शहरों में सेवाएं दे रही है और उसकी योजना इस संख्या को 100 तक पहुंचाने की है.  जानकारों का कहना है कि जियो, हैथवे और डेन की बुधवार को होने वाली बोर्ड बैठक में इस सौदे पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक ये कंपनियां संबधित परिचालन में जियो को नए शेयर जारी करेंगी.

एक अनुमान के अनुसार डेन नेटवर्क्स  की मौजूदा बाजार पूंजीकरण के आधार पर हिस्सेदारी की कीमत करीब 500 करोड़ रुपये होगी जो काफी आकर्षक है. जियो द्वारा शेयरों पर चुकता प्रीमियम का पता चलने के बाद निश्चित रूप से यह अधिक हो सकती है. जियो के लिए यह सौदा बेहद अहम है. हैथवे और डेन के पास अभी करीब 10  लाख ब्रॉडबैंड उपभोक्ता हैं. यानी बाकी 1.9 करोड़ केबल उपभोक्ताओं को  बॉडबैंड उपभोक्ता में बदलने की प्रबल संभावना है. इससे प्रति ग्राहक औसत राजस्व तीन गुना करने में मदद मिलेगी क्योंकि जो ग्राहक अभी केवल टीवी देखने के लिए केबल का इस्तेमाल कर रहे हैं वे ब्रॉडबैंड अपना लेंगे. इससे डेटा राजस्व में बढ़ोतरी होगी.

साथ ही इन घरों में पहुंचने से जियो करीब 8.4 करोड़ लोगों (अमूमन एक घर में चार सदस्य होते हैं) को वाई-फाई के जरिये अपनी सेवाओं से जोड़ सकती है जिससे डेटा का इस्तेमाल बढ़ेगा. दूसरी बात यह है कि इन कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने से जियो को जल्दी से जल्दी अपनी सेवाओं को शुरू करने में मदद मिलेगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि हैथवे और डेन की देशभर में 350 से अधिक शहरों में मौजूदगी है. सौदे के बिना जियो को देशभर में फाइबर बिछाने के लिए राइट ऑफ वे की जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता. इसमें न केवल काफी समय लगता बल्कि यह बहुत महंगा भी पड़ता.


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