सुशील मोदी के मीठे बोल: नीतीश ने जो लंबी रेखा खींची है उसे अगले 25 वर्षों तक पार करना मुश्किल

पटना: बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी एक घाघ राजनेता हैं. वो जानते हैं कि कब और किस वक्त तलवे को सहलाना है. वो दिन बहुत दूर नहीं है, जब सुशील मोदी विपक्ष में बैठे थे और नीतीश कुमार महागठबंधन के नेता के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन थे. उस वक़्त सदन में सुशील मोदी का पूरा वक़्त पानी पी पीकर नीतीश कुमार को कोसने में जाता था. पर आज परिस्थितियों ने एक बार फिर करवट ली है. और सुशील मोदी अब विपक्ष से सत्ता में आ गये हैं. भले बैक डोर से. तो ऐसे में सहयोगी मोदी के सुर बदले नज़र आ रहे हैं.

पिछले मंगलवार नीतीश कुमार के लोक सभा में दिए गए भाषणों पर केंद्रित एक किताब के विमोचन समारोह में मोदी ने कहा कि अगले बीस से पच्चीस साल तक शायद नीतीश कुमार के मुकाबले का कोई नेता नहीं मिले. मोदी का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह नीतीश में भी निर्णय लेने का साहस है. उन्होंने इस सम्बंध में  नीतीश कुमार के कई बड़े निर्णय गिनाए. इनमें महिलाओं को पंचायत में पचास प्रतिशत आरक्षण देने का मामला भी था.  मोदी ने माना कि नीतीश ने जो लंबी रेखा खींची है उसे अगले 25 वर्षों तक पार करना मुश्किल होगा.

 

सुशील मोदी ने नीतीश कुमार की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि अमूमन माना जाता है कि विकास से वोट नहीं मिलता लेकिन नीतीश ने इसे भी गलत साबित कर दिया है. मोदी ने रेल मंत्री के रूप में भी नीतीश के कामकाज की चर्चा की और कहा वहां भी उन्होंने एक से एक काम किए.

मोदी नीतीश के कामकाज करने के तरीकों से प्रभावित रहे हैं. इसके कारण उनके अपनी पार्टी के नेता उनकी आलोचना भी करते रहे हैं. लेकिन मोदी के करीबियों का कहना है कि मोदी जब विपक्ष में रहे तब उन्होंने सरकार की बखिया उधेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी थी.


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