जानिए रामविलास पासवान की दोनों पत्नियों के बारे में; एक राजकुमारी देवी, दूसरी रीना शर्मा

बालेन्दुशेखर मंगलमूर्ति

लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान की पहली शादी 1960 में राजकुमारी देवी से तो दूसरी रीना से 1983 में हुई थी.
चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की दूसरी पत्नी रीना के बेटे हैं. पासवान की पहली पत्नी से दो बेटियां हैं जबकि दूसरी पत्नी रीना से एक बेटा और एक बेटी है. पासवान ने पंजाब की रहने वाली रीना से साल 1983 में शादी की थी.

लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान पहली बार खुलासा किया था कि उन्होंने 1981 में पहली पत्नी से तलाक लिया था. पासवान ने यह खुलासा तब किया तब जदयू ने उनकी वैवाहिक स्थिति को लेकर नामांकन को चुनौती दी थी. हाजीपुर के तत्कालीन सांसद और जदयू उम्मीदवार राम सुंदर दास के एजेंट कन्हैया प्रसाद ने पासवान के मामले को उठाते हुए कहा था कि उन्होंने अपने हलफनामे में पहली पत्नी का राजकुमारी देवी के नाम का जिक्र नहीं किया था.

रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी

हालांकि पासवान के वकील ने जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल के समक्ष राजकुमार से 1981 में हुए तलाक से संबंधित दस्तावेज पेश किए थे. पासवान ने राजकुमारी देवी से 1960 में शादी की थी. जब 1997 में पासवान पहली बार सांसद बने तब भी राजकुमारी उनकी पत्नी थी. वो पासवान जी से बहुत प्यार करती हैं हालाँकि, उन्हें इस बात का दुःख है कि पहली पत्नी के रूप मे उन्हें पासवान जी से जो प्यार और अपनत्व मिलना चाहिए था वो न मिल पाया.

पासवान की दो बेटियां हैं,ऊषा और आशा. दोनों बेटियां पहली पत्नी से है और दोनों की शादी हो चुकी है. नामांकन पत्र में पासवान ने तीन बेटियों और एक बेटे की जानकारी दी थी लेकिन यह नहीं बताया था कि सभी बच्चे दो बीवियों से है.

पहली पत्नी से तलाक के बाद उन्होंने 1983 में पूर्व एयर होस्टेस रीना शर्मा से शादी की. वे पंजाबी मूल की हैं. 1983 में रामविलास पासवान ने रीना शर्मा से शादी की जो कि उस समय एयर होस्टेस थीं और पंजाबी हिंदू फैमली में जन्मीं थी. वो मूलत: अमृतसर की रहने वाली हैं. दोनों को फ्लाइट में आते-जाते एक-दूसरे से प्यार हो गया था. पहली शादी के 23 साल बाद दोनों ने 1983 में शादी कर ली थी. हालांकि रामविलास पासवान ने इस बड़े सच को दुनिया से कई दिनों तक छिपाया.

इस शादी से उनका एक बेटा चिराग पासवान और एक बेटी निशा है. चिराग बॉलीवुड में हीरो बनना चाहते थे उनकी साल 2011 में एक फिल्म ‘मिले हम ना मिले तुम’ आयी थी जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही. इसके बाद चिराग राजनीति में एक्टिव हो गये और साल 2014 में वो जमुई से सांसद चुने गये.

अब तक शानदार राजनीतिक सफ़र रहा है 

पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में एक दलित परिवार में हुआ था. पासवान ने कोशी कॉलेज, पिलखी  से एमए और पटना यूनिवर्सिटी से एलएलबी किया है. वे बिहार के दलित समाज (दुसाध समाज) से आते हैं और लालू यादव, नीतीश कुमार की तरह जेपी मूवमेंट से नहीं निकले हैं,   बल्कि उन्होंने चुनावी सफलता इससे पहले 1969 में ही हासिल कर ली थी. नरेंद्र मोदी कैबिनेट में केन्द्रीय मंत्री के तौर पर पासवान देश के ऐसे नेता हैं, जो पिछले 26 सालों के दौरान करीब हर प्रधानमंत्री के साथ काम कर चुके हैं.

वे कुल आठ बार लोकसभा, अब तक एक बार राज्यसभा और विधानसभा में जा चुके हैं. हालाँकि इस बार इन्होने घोषणा की है कि 2019 में लोक सभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और राज्यसभा के रास्ते सदन में जायेंगे. इससे पहले वे 2010 से 2014 तक राज्य सभा के सदस्य रह चुके हैं. वे आठ बार लोक सभा का चुनाव जीत चुके हैं. उनके नाम से ही सबसे ज्यादा वोट से लोक सभा चुनाव में जीत हासिल करने का रिकॉर्ड था, बाद में ये रिकॉर्ड नरसिम्हा राव ने तोड़ दिया. वे जनता पार्टी, लोकदल, जनता दल में भी रह चुके हैं. अपनी शानदार राजनीतिक समझ के चलते उन्होंने बार बार सत्ता पक्ष में रहने में सफलता पायी है. उनके इस गुण पर  लालू यादव ने उन्हें देश का सबसे बड़ा मौसम वैज्ञानिक बताया. उन्होंने 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी का गठन किया. उनकी पार्टी उनके परिवार के   लोगों को प्रमोट करने का प्लेटफार्म बन कर रह गया है, पर लोजपा (LJP) प्रमुख को इससे कोई फर्क नहीं  पड़ता. उनकी जाति के लोग उनके साथ मजबूती के साथ खड़े हैं. बिहार में आज भी पासवान जाति में उनकी कद का कोई नेता नहीं  हो सका है.

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