#SardarVallabhbhaiPatel पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया #StatueOfUnity, सुनें भाषण

अहमदाबाद :  सरदार पटेल की जयंती पर गुजरात के केवड़िया ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी 182 मीटर ऊंची मूर्ति #StatueOfUnity का उद्‌घाटन किया. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि यह मूर्ति राष्ट्र के स्वाभिमान की अभिव्यक्ति है. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने राजनीति का एकीकरण किया है. सरदार पटेल की वजह से हम आज करगिल से कन्याकुमारी तक बेरोक-टोक आते-जाते हैं. सरदार पटेल एक ऐसी शख्सीयत थे जिनमें कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी का शौर्य समाहित था. देशी रियासतों को एक करने में पटेल साहब की भूमिका अहम थी.

मूर्ति का उद्‌घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि यह प्रतिमा राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मुझे मिला. आज विश्व में धरती से आसमान तक सरदार पटेल का अभिषेक हो रहा है. इस अवसर पर नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों के योगदान को भी याद किया क्योंकि उनकी जमीन पर ही इस मूर्ति का निर्माण हुआ है. उन्होंने कहा कि यह मूर्ति न्यू इंडिया का प्रतीक है.

इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस का नाम लिये बिना उसपर हमला बोला और कहा कि मैं देश के सपूतों को भी याद करता हूं तो लोग उसमें राजनीति ढूंढ़ते हैं. क्या देश के सपूतों को याद करना भी गलत है. उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि देश को बांटने की कोशिश करने वालों को जवाब दें और जाति-धर्म को भूलकर सिर्फ भारतीय बनें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के केवड़ि‍या ग्राम में  विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’  राष्ट्र को समर्पित किया. उद्‌घाटन के साथ ही कार्यक्रम स्थल सरदार पटेल अमर रहे के नारों से गूंज उठा. उद्‌घाटन से पहले पीएम मोदी मूर्तिकार राम वी सुतार से मिले . सरदार पटेल की मूर्ति का वर्जुअल उद्‌घाटन हुआ. उसके बाद पीएम मोदी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और कहा कि धरती से लेकर आसमान तक पटेल साहब का अभिषेक हो रहा है. भारत ने एक नया इतिहास रचा है और भविष्य के लिए प्रेरणा का आधार तैयार किया है.

सरदार वल्लभ भाई पटेल को विश्व स्तर पर सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह मुहिम शुरु की थी जो आज पूरी हो गयी. विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को गुजरात के राजपिपला के पास नर्मदा नदी के द्वीप ‘साधु बेत’ पर बनाया गया है. देश की 565 रियासतों को जिस तरह सरदार पटेल ने देश के अधीन किया था उसे आधार मानते हुए उनकी प्रतिमा को ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ नाम दिया गया है.

क्या है प्रतिमा की विशेषता

बांध से लगभग 3.2 किमी दूर बनायी गयी इस प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर यानी 597 फीट है. अगर समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 235 मीटर ऊंची है. इसे बनाने में करीब 3400 मजदूर और 250 इंजीनियर लगे.  यह स्मारक 216 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा, तीव्र कंपन और भूकंप में भी खड़ा रह सकता है. 153 मीटर की ऊंचाई पर करीब 200 लोगों की क्षमता वाली एक व्यूइंग गैलरी भी है, जहां से बांध और आसपास का नजारा देखा जा सकेगा.


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