बिहार : एड्‌स रोगियों के लिए खुशखबरी, मां से बच्चों में वायरस फैलने की घटनाओं में आयी कमी, 70 प्रतिशत स्वस्थ पैदा हुए

पटना : एड्स एक जानलेवा बीमारी है और इसके रोगियों को समाज हिकारत की नजर से देखता है, जिसके कारण इनका जीवन बहुत कठिन हो जाता है. लेकिन इन रोगियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आयी है. बिहार एड्‌स कंट्रोल सोसाइटी ने यह जानकारी दी है कि एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं से उनके बच्चों में एचआईवी के वायरस फैलने के मामलों में कमी आयी है. अब एचआईवी प्रभावित मां के 70 फीसदी बच्चे स्वस्थ पैदा हो रहे हैं.

एड्स कंट्रोल सोसाइटी का दावा है कि प्रीवेंशन ऑफ पैरंट टू चाइल्ड ट्रांसमिशन (पीपीपीसीटी) के कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यक्रम का यह नतीजा है. इससे एड्‌स पीड़ित मरीजों का जीवन सुधरेगा. आंकड़ों के अनुसार दो साल के अंदर करीब 1080 गर्भवती महिलाओं को एचआईवी पॉजिटिव पाया गया था, ये सभी महिलाएं पटना के अलावा बिहार के अलग-अलग जिलों की रहने वाली हैं. लेकिन  डिलीवरी के बाद इन महिलाओं के 745 बच्चों में एचआईवी के लक्षण नहीं दिखे. यानी करीब 70 प्रतिशत ऐसे बच्चे थे जिनमें मां के एचआईवी वायरस उनमें नहीं आया. ये सभी बच्चे स्वस्थ हैं. जबकि गर्भ में पल रहा बच्चा अपने पोषण के लिए मां पर ही निर्भर होता है.

बिहार एड्स कंट्रोल सोसाइटी के निदेशक डॉ एनके गुप्ता ने मीडिया को इस संबंध में जानकारी दी और बताया कि पूरे बिहार में प्रिवेंशन ऑफ पेरेंट टू चाइल्ड ट्रांसमिशन (पीपीटीसीटी) कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम को गर्भवती महिलाओं से उनके बच्चों में एचआईवी के वायरस को रोकने के लिए शुरू किया गया है. कार्यक्रम के जरिये इतनी बड़ी सफलता देखने को मिलती है.


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