कभी लिट्टीचोखा बेचा था भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार खेसारी ने;ले रहे बाहुबली प्रभुनाथ सिंह से पंगा

27 अक्टूबर 2018 को  वैशाली जिले के बिदुपुर के चकौसन बाजार में शहीदों के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था “एक शाम शहीदों के नाम”. इस कार्यक्रम में भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव ने गाना शुरू ही किया था कि वहां पत्थरबाजी शुरू हो गई. कार्यक्रम में भगदड़ मच गई. खेसारी लाल यादव और उनके साथी कलाकार किसी तरह जान बचाकर भागे. मौके पर पहुंचे कई पुलिसवालों को भी चोट लग गई. बाद में कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

खेसारी लाल यादव और सुधीर सिंह की अदावत पुरानी है:

इसके बाद खेसारी लाल यादव ने आरोप लगाया  कि सीवान के महाराजगंज लोकसभा सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर सिंह उन्हें जान से मारने की कोशिश की . सुधीर सिंह और खेसारी लाल की अदावत पुरानी है.  खेसारी लाल यादव बिहार के छपरा जिले के रसूलपुर के रहने वाले हैं. वहीं छपरा के ही रहने वाले प्रभुनाथ सिंह महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के बाहुबली सांसद रहे हैं.  प्रभुनाथ सिंह तीन बार जदयू और एक बार राष्ट्रीय जनता दल से सांसद बने हैं. प्रभुनाथ सिंह के बारे में ये कहावत प्रसिद्ध है कि बिहार में सरकार किसी की भी हो, लेकिन सारण के मुख्यमंत्री तो प्रभुनाथ सिंह ही हैं. सुधीर सिंह इन्हीं प्रभुनाथ सिंह के भतीजे हैं.

उत्तराधिकार की लड़ाई: 

प्रभुनाथ सिंह फिलहाल जेल में हैं. उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर क्षेत्र में नाम सुधीर सिंह का आता है. 2019 का लोकसभा चुनाव आने ही वाला है. ऐसे में सुधीर सिंह अपने चाचा की राजनीतिक जमीन पर खुद को खड़ा कर रहे हैं. लेकिन इसी बीच भोजपुरी गायक और अभिनेता खेसारी लाल यादव की भी राजनैतिक महत्वाकांक्षाएं सामने आ गई हैं. खेसारी लाल यादव कह चुके हैं कि अगर लोग चाहेंगे, तो वो महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे.  एक ही दल राजद से दो उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं, जो शत्रुता की आग को हवा दे रही है. खेसारी लाल यादव कह रहे हैं कि सुधीर सिंह उनपर हमला करवा रहे हैं ताकि वो चुनाव से हट जाएं और फिर मैदान में एक ही नाम सुधीर सिंह का रहे.

कौन हैं खेसारी लाल यादव:

खेसारी लाल यादव का असली नाम शत्रुघ्न यादव है. बिहार के सीवान जिले के रहने वाले खेसारी को पहली सफलता उनके भोजपुरी एलबम ‘माल भेटाई मेला’ से मिली थी.  2012 में आई उनकी पहली फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ से वे रातों रात भोजपुरी फिल्म जगत के स्टार बन गए. खेसारी शुरुआत में एक लोक गायक के तौर पर अपने आप को स्थापित करना चाहते थे.  कॅरियर के शुरुआती दौर में उन्हें बहुत-सी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने दिल्ली में लिट्टी चोखा तक बेचा. बाद में उन्होंने फोर्स में नौकरी की, लेकिन फिर एक्टिंग और गायकी के लिए उन्होंने यह नौकरी भी छोड़ दी. पियवा गए रे हमर सऊदी रे भौजी, सैयां अरब गइले और सैयां आइबा की आइबा लहंगा में मीटर उनके एलबम के पॉपुलर गीत हैं.

 


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