मास्को में अफगानिस्तान में शांति वार्ता को लेकर भारत और तालिबान पहली बार एक मंच पर आयेंगे

नई दिल्ली. रूस की राजधानी मॉस्को में अफगानिस्तान में शांति के मुद्दे पर शनिवार को बातचीत होगी. मॉस्को फॉरमैट टॉक्स के नाम से होने वाली इस बैठक में अफगान तालिबान के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. भारत भी इसमें शामिल होगा. रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक बातचीत में अफगान तालिबान के प्रतिनिधि और भारत के दो रिटायर्ड अफसर मौजूद रहेंगे. यह पहली बार है जब भारत तालिबान के साथ मंच साझा कर रहा है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि अफगानिस्तान मुद्दे पर होने वाली बैठक में भारत गैर-आधिकारिक रूप से हिस्सा लेगा. इसमें अफगानिस्तान में राजदूत रहे अमर सिन्हा और पाकिस्तान में उच्चायुक्त रहे टीसीए राघवन शामिल होंगे.  रवीश कुमार के मुताबिक- भारत की हमेशा से यही नीति रही है कि इस तरह के प्रयास अफगानिस्तान की अगुआई, अफगानिस्तान के हक और अफगान सरकार के सहयोग से होने चाहिए.

रूसी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, यह दूसरा मौका है जब रूस युद्ध से प्रभावित अफगानिस्तान में शांति के लिए क्षेत्रीय ताकतों को एकसाथ लाने का प्रयास कर रहा है. पहले यह बैठक 4 सितंबर को प्रस्तावित थी लेकिन अाखिरी समय में अफगान सरकार के पीछे हटने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था.

रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूस ने वार्ता में भाग लेने के लिए अफगानिस्तान, भारत, ईरान, चीन, पाकिस्तान, अमेरिका, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान को बुलाया है. भारत ने इस बैठक में हिस्सा लेने का निर्णय राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद लिया.

अफगानिस्तान में आर्थिक हालात सुधारने और शांति-सुरक्षा कायम करने के लिए भारत और रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी जुड़ने की अपील की थी. दोनों देश अफगानिस्तान में संयुक्त विकास परियोजनाएं भी चला रहे हैं.


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