शहरों का नाम परिवर्तन: शौक़ जो अब सनक में बदल रहा है

लखनऊ: शहरों का नाम परिवर्तन कोई नयी चीज नहीं है; बल्कि सदियों से ऐसा होता आया है. भारत में भी मद्रास, बम्बई, कलकत्ता जैसे शहरों के नाम बदले गए हैं, हालाँकि हर नाम परिवर्तन में जनता की सहमति नहीं रही है, और सहमति के साथ साथ असहमति के भी स्वर प्रस्फुटित होते रहे हैं. कई बार शहरों के नाम में बदलाव संस्कृति, जन भावना का हवाला देते हुए सरकारें करती रही हैं. पर हालिया उदाहरण इशारा कर रहे हैं अति उत्साह का; एक खतरनाक प्रवृति का; जो खतरनाक है; तंगदिल है; संकीर्ण है. भारत वर्ष का इतिहास बहुधर्मी, बहुभाषा भाषी रहा है, यहाँ कई समुदायों ने अपना योगदान दिया है, सभ्यता और संस्कृति की कई परतें हैं यहाँ. इसी कारण से भारत सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समृद्ध है; और धार्मिक कट्टरता का देश के समाज ने सफलतापूर्वक सामना किया है और धर्म के आधार पर बंटवारा होने के बाद भी देश में आधुनिक परम्पराओं और संस्थाओं की नींव पड़ी. पर नाम परिवर्तन का हालिया जोश इशारा कर रहा है कि शौक़ अब बहुत तेजी से सनक बनता जा रहा है. इतिहास का एक पूरा खंड झुठलाने का प्रयास हो रहा है; जो निंदनीय है.

गुजरात में अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती करने पर विचार चल रहा है. शिमला को श्यामला बनाने की जुगत है. हैदराबाद का भी नाम बदलने के मंसूबे बांधे जा रहे हैं.  यूपी में तो मानों राज्य प्रशासन की पूरी एनर्जी अब शहरों के नाम बदलने में लग चुकी है.

मुगलसराय, इलाहाबादा, फैजाबादा आदि के नाम बदलने के बाद भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चुप बैठने वाली नहीं दिख रही है. ऐसे संकेत हैं कि अभी यूपी के ऐसे तमाम शहर हैं, जिनके नाम बदले जाएंगे और जिन नामों को बदलने के कायास लगाए जा रहे हैं, उनमें मुजफ्फरनगर और आगरा शहर का नाम टॉप में है. दरअसल, इलाहाबाद का प्रयागराज और फैजबादा का नाम अयोध्या रखने के बाद योगी आदित्यनाथ की अगुआई वाली सरकार की ओर से कई शहरों के नाम बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. ताजा मामले में बीजेपी विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने आगरा शहर को लेकर मांग की है कि आगरा को ‘आगरावन’ या ‘अग्रवाल’ नाम किया जाए.

दरअसल, बीजेपी वाले ताजमहल को एक राजपूत राजा का बनवाया शिवमंदिर कहते हैं. और अब मांग कर रहे हैं कि आगरा का नाम बदल कर अग्रवाल कर दिया जाए क्योंकि यहां अग्रवाल समुदाय के लोग ज्यादा रहते हैं. आगरा उत्तरी से बीजेपी विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने सीएम योगी आदित्यनाथ को खत लिखकर यह मांग की है.

बीजेपी विधायक जगन प्रसाद गर्ग का कहना है कि आगरा का कोई महत्व नहीं है. आगरा को कहीं चेक कर के देख लीजिए. क्या महत्व है? कुछ भी नहीं है. पहले यहां बहुत वन थे. अग्रवालों का निवास था. और आज भी अग्रवालों की राजधानी है आगरा. यहां अग्रवाल समुदाय के लोग अधिक रहते हैं. तो इसका नाम आगरावन या अग्रवाल होना चाहिए.

इतना ही नहीं, यूपी के मुजफ्फरनगर का बदलने को लेकर भी बीजेपी विधायक संगीत सोम ने आवाज बुलंद कर दी है. शुक्रवार को उन्होंने कहा कि ‘अभी तो बहुत शहरों के नाम बदले जाने हैं. मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर लोगों की पहले से ही मांग है. मुजफ्फरनगर नाम एक नवाब मुजफ्फर अली ने किया था. लोगों की सदियों से मांग है कि इसका नाम लक्ष्मीनगर किया जाए.’

उन्होंने आगे कहा, “मुगलों ने यहां की संस्कृति को मिटाने का काम किया है. खासतौर से हिंदुत्व को मिटाने का काम किया है. हमलोग उस संस्कृति को बचाने के लिए काम कर रहे हैं. बीजेपी उसपे आगे बढ़ेगी.” इससे पहले बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने शिवसेना ने औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव करने की मांग की है. बता दें कि इससे पहले गुजरात के अहमदाबाद शहर का नाम बदले जाने की बात आई थी. माना जा रहा है कि गुजरात सरकार अहमदाबाद का नाम कर्णावती रखने पर विचार कर रही है.


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