नीतीश का मास्टर स्ट्रोक: रालोसपा के दोनो विधायक फोड़े गये; जदयू में होंगे शामिल

पटना:  हाल के दिनों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के बीच अदावत बढ़ रही थी. कई मुद्दे थे. एक ओर बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग का फार्मूला कुशवाहा को पच नहीं रहा था और वे सार्वजानिक मंचों से अपनी अप्रसन्नता जाहिर कर रहे थे. कई विवादस्पद बयां भी उन्होंने दे डाले थे. उन्होंने नीतीश को संतुष्ट मुख्यमंत्री बता डाला और कहा कि अब वे खुद मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहना चाहते हैं. बात यही तक नहीं रुकी. उन्होंने नीतीश पर आरोप लगा डाला कि नीतीश कुमार ने उन्हें नीच कह डाला. और इसके खिलाफ राजभवन तक पार्टी कार्यकर्ताओं का विरोध मार्च भी करवा डाला और साथ ही उंच नीच सम्मलेन बुलाने की अपनी मंशा भी जाहिर कर दी. हालाँकि जदयू के नेताओं ने नीच शब्द के प्रयोग पर अपना पूरा विरोध जताया. ऐसे में राजनीतिक हलकों में ये उम्मीद की जा रही थी कि नीतीश भी अपना गेम प्लान बनायेंगे.

बिहार के राजनीतिक गलियारे से अब एक चौंका देने वाली खबर आ रही है. जो इस बात की ओर इशारा करती है कि नीतीश को ऐसे ही बिहार की राजनीति का चाणक्य नहीं कहा जाता. आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा  की पार्टी के दोनों विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में शामिल होने जा रहे है. बताया जा रहा है कि सुधांशु शेखर जेडीयू में हाल ही में शामिल हुए प्रशांत किशोर से कई दिनों से संपर्क में थे और अब उन्होंने ललन पासवान के साथ जेडीयू में शामिल होने का फैसला कर लिया है. सूत्रों के हवाले से ये खबर आई है.

ध्यान रहे कि 2015 के विधानसभा चुनाव में आरएलएसपी ने एनडीए गठबंधन के साथ कुल 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था और दो सीटों पर जीत दर्ज की थी.

 

उपेंद्र कुशवाहा के समर्थकों ने नीतीश कुमार के खिलाफ निकाला था जुलूस

आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देते आए हैं और उनसे असंतुष्ट रहे हैं. कल ही उपेंद्र कुशवाहा के समर्थकों ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ पटना में जुलूस निकाला था और जुलूस में उपेंद्र कुशवाहा जिंदाबाद, नीतीश कुमार मुर्दाबाद, कुशवाहा समाज को नीच कहना बंद करो, कुशवाहा समाज जिंदाबाद, पलटू राम मुर्दाबाद, चोर-उच्चकों की सरकार नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए गए थे. उन समर्थकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसके बाद उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार से सवाल भी पूछा था कि ये कैसा सुशासन है.

बताया जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा को पहले से ही जानकारी थी कि उनकी पार्टी के कुछ नेता जेडीयू के संपर्क में हैं लेकिन शायद उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनकी पार्टी के ये दो विधायक जेडीयू में शामिल हो जाएंगे.

सीट शेयरिंग का मामला सुलझ नहीं रहा: 
बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के मुद्दे पर रालोसपा एनडीए से नाखुश है. कुशवाहा पिछले दिनों तेजस्वी यादव से मिले थे. कुशवाहा ने 9 नवंबर को कहा था कि उन्हें दो क्या तीन सीटें भी मंजूर नहीं. उनकी पार्टी की ताकत बढ़ी है, इसलिए सीटों को संख्या ज्यादा होनी चाहिए.

दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी बिहार की 40 सीटों में से 30 पर लड़ी थी और उसे 22 सीटों पर जीत मिली थी. एलजेपी और आरएलएसपी क्रमश: सात और तीन सीटों पर उतरी थीं और उन्होंने क्रमश: छह और तीनें सीटें जीती थीं.

अब इस बार एनडीए के साथ नीतीश कुमार की जेडीयू भी आ गई है. जेडीयू और बीजेपी ने बराबर की सीटों पर लड़ने का फैसला किया है. ऐसे में अटकलें लगाई जा रही है कि रामविलास पासवान की पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को कम सीटें मिलेंगी. कुशवाहा बिहार सरकार में भी भागीदारी की मांग कर रहे हैं. ऐसे में वर्तमान राजनीतिक घटनाचक्र ने उन्हें बैकफुट  पर धकेल दिया है और साथ ही  उनके पास उपलब्ध राजनीतिक विकल्पों को सीमित कर दिया है.

इन राजनीतिक घटनाक्रम के बीच केंद्रीय मंत्री तथा RLSP नेता उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा, “नीतीश कुमार जी विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं… वह उपेंद्र कुशवाहा और उसकी पार्टी को नष्ट करने पर उतर आए हैं, लेकिन वह मुझे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे… वह भी NDA का हिस्सा हैं, और हम भी, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए…”

ये भी पढ़ें:

महिलाएं अपने वोट का फैसला खुद कर सकती हैं, ये अब तक किसी राजनीतिक दल ने नहीं माना था


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.