बिना खाए पिए गोवर्धन परिक्रमा में लगे तेज प्रताप की तबियत बिगड़ी

मथुरा: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लाल  तेज प्रताप यादव पिछले कुछ दिनों से पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक लेने की खबरों के बीच घर न लौटकर तीर्थस्थलों का भ्रमण कर रहे हैं जबकि मां राबड़ी देवी और पत्नी उनका पटना में लौटने का इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच खबर है कि तेज प्रताप बिना कुछ खाए-पिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर रहे थे जिसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई है.

वृंदावन के लोगों और पुजारियों ने तेज प्रताप को बताया है कि यदि कोई कार्तिक महीने में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करता है तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. बताया जा रहा है कि वह सभी धामों की यात्रा पूरी करने के बाद ही पटना स्थित अपने घर वापस लौटेंगे. तेज प्रताप ने ऐश्वर्या से तलाक लेने के लिए पटना की एक पारिवारिक अदालत में अर्जी दाखिल की हुई है जिसपर 28 नवंबर को सुनवाई होनी है.

पूरा यादव परिवार तेज प्रताप के तलाक के फैसले के खिलाफ है. वह उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह बिलकुल भी मानने के मूड में नहीं हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की है. मान्यता है कि कार्तिक महीने में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसी बात से तेज प्रताप को हौंसला मिला और उन्होंने 21 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा को पूरा किया.

तेज प्रताप ऊबड़-खाबड़ वाले रास्ते पर नंगे पैर साढ़े पांच घंटे तक चले. इस यात्रा के दौरान लालू के लाल भगवान कृष्ण की भक्ति में इतने डूबे रहे कि उन्होंने रास्ते में कुछ भी नहीं खाया-पिया. श्याम कुंड और राधा कुंड में नहाने के बाद उन्होंने शाम को सात बजे अपनी यात्रा की शुरुआत की जो देर रात एक बजे खत्म हुई. वापसी में भी उन्होंने श्याम कुंड और राधा कुंड में स्नान किया. इसके बाद वह आश्रम लौट आए.

गोवर्धन पर्वत की यात्रा करने से तेज प्रताप काफी थक गए. उनके पैरों में सूजन आ गई है. यदि उनकी सेहत सही रहती है तो वह आने वाले दिनों में चार धामों में से किसी एक धाम की यात्रा पर निकल जाएंगे.  माना जा रहा है कि जब तक सभी धामों की यात्रा पूरी नहीं हो जाती है वह घर लौटने के बारे में विचार नहीं करेंगे. कुछ दिनों पहले वह छोटे भाई तेजस्वी यादव के जन्मदिन में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे.

जिंदगी जीने दो भाई: तेज प्रताप यादव 

इससे पहले तेज प्रताप यादव गले में कंठी माला पहने हुए, माथे पर तिलक लगाए और सफेद रंग का कुर्ता-पायजामा पहने शनिवार को करीब एक बजे वृंदावन के केशी घाट पहुंचे. यहां उन्होंने लगभग एक घंटे तक नौका विहार का आनंद उठाया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाए रखी. इसी बीच जब एक पत्रकार ने उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी जिंदगी जी लेने दो भाई. मैं शांति की तलाश में हूं. उसमें अनावश्यक हस्तक्षेप न करें.’


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.