जामनगर रिफाइनरी को लेकर रिलायंस की महत्वकांक्षी योजना

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपनी जामनगर रिफाइनरी का  विस्तार करने पर विचार कर रही है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक योजना पूरी होने पर रिफायनरी की सालाना प्रोसेसिंग क्षमता 3 करोड़ टन हो जाएगी. रिलायंस तेल उपभोक्ता देशों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक 2040 तक भारत की ऊर्जा की मांग बढ़कर दोगुनी से भी ज्यादा होने की उम्मीद है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस ने जामनगर कॉम्प्लेक्स में नई रिफाइनिंग ट्रेन के लिए वैश्विक लाइसेंसधारकों और उपकरण विक्रेताओं से चर्चा शुरू कर दी है. इस प्रोजेक्ट पर 10 अरब डॉलर का खर्च आने का अनुमान है. बताया जा रहा है कि साल 2020 तक इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जा सकता है. रिलायंस जल्द इसमें निवेश का आखिरी फैसला लेगी.

रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस प्रमुख तेल उपभोक्ता देशों में विस्तार करना चाहती है. सऊदी अरामको और एडनॉक ने भी भारत के पश्चिमी तट पर प्रस्तावित 6 करोड़ टन क्षमता वाले रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में निवेश करने के लिए समझौते किए हैं. रोजनेफ्ट और उसके पार्टनरों ने भी देश में बड़ी डील की है.


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