गया में नक्सली संगठन ने युवाओं को भर्ती करने के लिए वैकेंसी निकली; प्रशासन अलर्ट

गया: गया बिहार के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में है. यहाँ दशकों से भूमि के वितरण, उचित मजदूरी और दलित औरतों की अस्मिता की लड़ाई चल रही है. नक्सल संगठन यहाँ अन्य जिलों की अपेक्षा मज़बूत हैं. जिले के जंगल और पहाड़, गरीबी, आर्थिक असमानता और पड़ोसी राज्य झारखण्ड से नजदीकी कुछ ऐसे कारण हैं कि नक्सल संगठनों के साथ जिले की पुलिस के अलावा, अर्ध सैनिक बल दशकों से लड़ रहे हैं, पर अभी तक ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. इनसे पहले भूमिहार जाति आर्मी रणबीर सेना नक्सलियों के खिलाफ लड़ रही थी, फिलहाल वे शांत है, हालाँकि ख़त्म नहीं हुए हैं.

ताजा चौकाने वाले घटना क्रम में जिले में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने वैकेंसी निकाली है.  नक्सल प्रभावित गुरिया बाजार में पोस्टर चिपकाकर युवाओं से संगठन के पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) में शामिल होने का आह्वान किया गया है. पोस्टर के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन सकते में आ गये हैं. जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है.

बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया मिलिट्री कमीशन भाकपा (माओवादी) की ओर से जारी पोस्टर में कहा गया है कि छापामार युद्ध को गति देने के लिए संगठन ने वैकेंसी निकाली है. इसमें जिले के युवा भाग लें। कहा है कि भर्ती के लिए प्रत्येक गांव में स्कूल व सामुदायिक भवन में आवेदन पेटी लगाया जाएगा. इच्छुक युवा पेटी में आवेदन डाल सकते हैं.

बता दें कि नक्सली संगठन की ओर से दो से आठ दिसंबर तक पीएलजीए की 18वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है. इसके उपलक्ष्य में ही नक्सलियों ने वैकेंसी निकाली है. एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ, कोबरा, एसएसबी के साथ 24 घंटे सर्च ऑपरेशन चलाने का निर्देश दिया गया है.


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