पुण्यतिथि पर विशेष : जानें लंदन में क्यों किया गया था देव आनंद का अंतिम संस्कार…

देव आनंद, बॉलीवुड का एक ऐसा हीरो, जिसने हारना नहीं सीखा, चाहे फिल्में चली या नहीं चलीं इस रचनाकार ने फिल्मों के जरिये अपनी बात कहने की कला को जीवित रखा. आज इनके पुण्यतिथि पर इन्हें नमन. देव आनंद को श्रद्धांजलि क्योंकि यह एक ऐसे कर्मयोद्धा थे, जिन्होंने कई बार अपने साक्षात्कार में कहा कि मैं कर्म करता हूं फल की चिंता नहीं करता. शोखियों में घोला जाये फूलों का शबाब उसमें फिर मिलायी जाये, थोड़ी सी शराब, होगा फिर नशा जो तैयार वो प्यार है, जी हां जीवन को कुछ इसी अंदाज में जीने वाले देव आनंद ने जीवन को बखूबी जिया.

देव साहब भले ही आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी जिंदादिली, जीवन को जीने की इच्छा और हमेशा कुछ नया करने की इच्छाशक्ति बॉलीवुड के नये लोगों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगी. देव आनंद ने अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म हम एक हैं से की थी, जिसमें उनकी नायिका सुरैया थीं.

लन्दन शहर से देव साहब को लगाव था:

देव आनंद को जिस चीज के लिए इंडस्ट्री में लोग हमेशा याद करेंगे, वह है नये लोगों को इंडस्ट्री में ब्रेक देना. टीना मुनीम, जैकी श्रॉफ, ऋचा शर्मा एवं जीनत अमान जैसे सफल अभिनेता-अभिनेत्रियों को देव आनंद ने ही बॉलीवुड से परिचय कराया था.
उन्हें लंदन शहर बहुत पसंद था और वे अक्सर वहां जाया करते थे, अपनी अंतिम सांस भी उन्होंने वहीं ली. इस शहर से उनके जुड़ाव को देखते हुए ही उनके घर वालों ने उनका अंतिम संस्कार वहीं कर दिया. देव साहब की यह दिली ख्वाहिश ने उनके चाहने वाले हमेशा उनका हंसता-मुस्कुराता चेहरा याद रखें, यही कारण है कि उनके निधन के बाद भी उनके पार्थिव शरीर का चेहरा लोगों को नहीं दिखाया गया.

देव आनंद ने हमेशा युवाओं को ध्यान में रखकर फिल्में बनायी, जिसमें उनकी समस्याओं का जिक्र होता था. हरे रामा-हरे कृष्णा इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें उन्होंने नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को दिखाने की कोशिश की.
देव साहब को उनके प्रेम संबंधों के लिए भी खासा याद किया जाता है. उन्होंने अपनी साथी कलाकार सुरैया से प्रेम किया, लेकिन वह शादी तक नहीं पहुंच पाया, हालांकि वे हमेशा यह कहते रहे कि उन्होंने सुरैया से प्रेम किया था.

उसके बाद उन्होंने मोना सिंह यानी कल्पना कार्तिक से प्रेम किया और शादी भी की. जीनत अमान के साथ अपने जुड़ाव को भी उन्होंने स्वीकार किया, हालांकि जीनत ने उनके प्रेम का मान नहीं रखा. इस बात का जिक्र उन्होंने एक इंटरव्यू और अपनी आत्मकथा में भी किया है. हालांकि वे यह भी कहते रहे कि कोई भी दुख मुझे अधिक समय तक प्रभावित नहीं कर सकता मैं उससे उबर जाता हूं.

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