GOOD NEWS : बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब सौ रुपये में करा सकेंगे रजिस्ट्री

पटना : बिहार सरकार ने कैबिनेट की बैठक में कल अहम फैसला लिया जिसके अनुसार अब पारिवारिक संपत्ति बंटवारे में रजिस्ट्री की फीस महज सौ रूपये लगेगी. सरकार के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके परिवार में बंटवारा होना है. सरकार अब हर पार्टिशन डीड के लिए सौ रुपये शुल्क लेगी, जबकि पहले संपत्ति के वैल्यू के अनुसार न्यूनतम शुल्क लिया जाता था.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. बैठक में पैतृक और पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में संपत्ति के रजिस्ट्री शुल्क में भारी कमी करते हुए नीतीश सरकार ने आमजनों को बड़ी राहत दी . मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में रजिस्ट्री शुल्क में छूट के संशोधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी.

इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक पर बैन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है. ग्राम पंचायतों की परिसीमा के अंदर प्लास्टिक कैरी बैग (सभी आकार एवं मुटाई के) के निर्माण, आयात, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, नोटिफिकेशन के 60 दिनों के बाद यह रोक प्रभावी हो जायेगी. नियमों की अवहेलना पर अधिकतम पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है.

कैबिनेट की बैठक के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने टोकन राशि के रूप में 100 रुपये अदा कर पारिवारिक बंटवारे में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्तमान में पारिवारिक बंटवारे में संपत्ति मूल्य का पांच प्रतिशत शुल्क के रूप में वसूला जाता है. इसमें दो प्रतिशत निबंधन और तीन प्रतिशत स्टांप ड्यूटी शुल्क होता है. पांच प्रतिशत शुल्क के हिसाब से पारिवारिक बंटवारे की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने की फीस कुछ ज्यादा ही हो जाया करती थी. इसकी वजह से प्रदेश के तमाम लोग रजिस्ट्री कराते ही नहीं थे. इसके कारण भूमि विवाद के मामले बढ़ते जा रहे थे.

आमिर सुबहानी ने बताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को भी खतरा होता था. भाई-भाई के बीच लाठियां चलती थीं. अब ऐसा नहीं होगा. अब पारिवारिक बंटवारे की संपत्ति की रजिस्ट्री मात्र 100 रुपये शुल्क देकर करायी जा सकेगी. 50 रुपये निबंधन और 50 रुपये स्टांप ड्यूटी के रूप में देना होगा. यह राज्य सरकार की सकारात्मक पहल है. अब रजिस्ट्री ज्यादा होगी. इससे भूमि विवादों में काफी हद तक कमी आयेगी. हिंसात्मक घटनाएं नहीं होंगी. कैबिनेट में कई अन्य फैसले भी लिये गये जो इस प्रकार हैं-

-रोहतास जिला के चेनारी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो के चौड़ीकरण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को 0.01एकड़ जमीन नि:शुल्क स्थायी हस्तांतरण होगा.
– संविदा के आधार पर नियोजित आयुष चिकित्सकों (एनआरएचएम एवं आरबीएसके) को एलोपैथ चिकित्सकों की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी.
– प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होने वाले मेडिकल कॉलेजों को शुरू करने का रास्ता साफ, 156 पदों का सृजन


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.