BIHAR@2018: ब्रजेश ठाकुर से उपेंद्र कुशवाहा तक सबने लाया भूकंप, अब हाशिये पर-1

वर्ष 2018 अपने समापन की ओर अग्रसर है और नया साल 2019 बाहें पसारे हमारी बाट जोह रहा है. ऐसे में यह समय है रूककर सोचने का इस साल हमने ऐसी कौन सी घटनाएं देखीं और जिया जो आने वाले कई सालों तक हमारे जेहन में रहेंगी. अगर बिहार की बात करें, तो यह राज्य राजनीतिक रूप से काफी हलचल वाला रहा और कई ऐसी घटनाएं हुईं जिसने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजनीति को प्रभावित किया, तो आइए इस संधिकाल में घटनाओं को थोड़ा रिवाइंड कर लें-

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड

मुजफ्फरपुर जिले के शेल्टर होमकांड ने सरकार की नींद तो उड़ाई ही कई ऐसे खुलासे भी किये कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जायें. यहां एक सरकारी सहायता प्राप्त शेल्टर होम ‘बालिका गृह’ में रहने वाली 42 लड़कियों के साथ बार-बार हुआ और प्रेंग्नेंट होने पर उनका एबार्शन भी कराया गया. यहां बच्चियों को सेक्स टाॅय की तरह इस्तेमाल किया गया और उन्हें नशीली देकर उनका यौन शोषण किया गया. इस घटना में जदयू सरकार की केंद्रीय मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति भी आरोपी हैं, जिसके कारण नीतीश सरकार की किरकिरी भी हुई और मंजू वर्मा के खिलाफ देर से कार्रवाई करने के की वजह से विपक्ष ने सरकर को निशाने पर भी लिया. मामले का मुख्य आरोपी और शेल्टर होम का संचालक ब्रजेश ठाकुर अभी जेल में है और मामले की जांच सीबीआई कर रही है. घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य ने 17 अन्य शेल्टर होम की जांच के आदेश सीबीआई को दिये हैं. इस मामले में कई अन्य की गिरफ्तारी भी हुई है.

जहानाबाद में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का वीडियो वायरल

बिहार के जहानाबाद जिले में अप्रैल माह में एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जो समाज को कलंकित करने वाला तो था ही इसने राजनीति को भी प्रभावित किया. इस घटना के बाद प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा खूब उठा. इस वीडियो में एक नाबालिग लड़की को पकड़कर कुछ लोग उसके साथ छेड़छाड़ करते नजर आ रहे हैं. लड़की के लाख विरोध के बाद भी लड़के उसके कपड़े उतारने की कोशिश कर रहे हैं, मगर कोई उसकी मदद नहीं कर रहा है. लड़की मनचलों से उसे छोड़ देने की गुहार लगा रही है. वह लाचार बेबस होकर अपनी इज्जत बचाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की, लेकिन महिला सुरक्षा का मुद्दा खूब उठा और विपक्ष ने सरकार को घेरा.

चारा घोटाला मामले में लालू यादव को 14 साल की सजा

चारा घोटाला मामले में पहले से सजा काट रहे राजद अध्यक्ष लालू यादव को दुमका ट्रेजरी (चौथा) केस में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने कुल 14 साल की सजा सुनाई . साथ ही 60 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. सीबीआई के वकील ने बताया कि कोर्ट ने लालू प्रसाद के लिए आईपीसी और करप्शन एक्ट के तहत 7-7 सजा का ऐलान किया है. दोनों सजा अलग-अलग चलेंगी. सजा सुनाए जाने के दौरान लालू रिम्स हॉस्पिटल में थे. वीसी के जरिए उनकी पेशी हुई. जज शिवपाल सिंह ने 19 मार्च को अवैध निकासी के मामले में लालू समेत 19 लोगों को दोषी करार दिया था. लालू पर चारा घोटाले से जुड़े 6 केस दर्ज हैं. लालू यादव अभी भी जेल में हैं, हालांकि खराब स्वास्थ्य के कारण वे रिम्स में ही भरती है.

तेजप्रताप यादव की शादी और तलाक

लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की शादी चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय के साथ इसी वर्ष 12 मई को काफी धूमधाम के साथ हुई थी और जेल में होने के बावजूद पैरोल पर लालू यादव इस शादी में शामिल हुए. लालू यादव परिवार के लिए यह खुशी का क्षण था, क्योंकि चारा घोटाला मामले में सजा होने के बाद परिवार सदमे में था. लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी और शादी के माह छह महीने बाद ही तेज प्रताप ने कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी डाल दी है. राबड़ी यादव से लेकर लालू यादव सब ने उन्हें समझाया पर वह नहीं मान रहे हैं. तलाक की अर्जी पर सुनवाई शुरू हो चुकी है और पहला डेट 29 नवंबर को था. तेज प्रताप का आरोप है कि उसके माता-पिता ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए उसकी शादी करायी.

‘खीर’ पकाने के कारण अंतत: एनडीए से दरकिनार हुए उपेंद्र कुशवाहा

राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने राजनीतिक खीर बनाने की एक विधि बताकर अपने लिए मुसीबत मोल ली और अंतत: स्थिति यह है कि वे कभी भी या तो एनडीए छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं, क्योंकि अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो उन्हें एनडीए से बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा. लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में सीट बंटवारे को लेकर जो विवाद था उसमें उन्हें ज्यादा जगह नहीं मिली. उन्हें बिहार में मात्र एक सीट ही दिया गया, जिसके कारण वे बार-बार पीएम मोदी और अमित शाह से मिलने की कोशिश कर रहे हैं. गौरतलब है कि कुशवाहा ने कहा था कि यदुवंशियों मतलब यादव का दूध और कुशवंशी मतलब कुशवाहा उसमें चावल मिलाये तो दुनिया का सबसे स्वादिष्ट खीर तैयार होगा. फिर उन्होंने अपनी पार्टी के ब्राह्मण नेता शंकर झा आज़ाद की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि ये चीनी मिलाएंगे और दलित नेता भूदेव चौधरी उसमें तुलसी डालेंगे. कुशवाहा ने कहा कि अगर यह समीकरण एक साथ हो जाये तो राज्य की सता पर क़ाबिज़ हो सकते हैं.


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