बंगाल में घमासान: कोलकाता हाई कोर्ट डिविजन बेंच ने बीजेपी की रथ यात्रा की अपील को स्वीकारा

कोलकाता: बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान अपने पुरे शबाब पर आ गया है. मामला राज्य में भाजपा के रथ यात्रा का है. ताजा घटनाक्रम में कोलकाता हाई ने सिंगल बेंच के उस फैसले के खिलाफ भाजपा की अपील को स्वीकार कर लिया है, जिसमे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द्य बिगड़ने के आधार पर भाजपा को रथ यात्रा निकालने से मना कर दिया गया था.

ज्ञात हो कि कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार से बीजेपी अध्यक्ष की प्रस्तावित रथ यात्रा को अनुमति देने से इनकार कर दिया है.  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह का राज्य में पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ आयोजित करने का कार्यक्रम है जिसमें तीन ‘रथ यात्राएं’ शामिल हैं.  राज्य सरकार ने कहा है कि इस यात्रा से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है. राज्य सरकार के महाधिवक्ता किशोर  दत्ता ने कहा कि जिला में सांप्रदायिक मुद्दों का एक इतिहास रहा है और वहां से ऐसी सूचना है कि सांप्रदायिकता को उकसाने वाले कुछ लोग और उपद्रवी तत्व वहां सक्रिय हैं. पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा अनुमति देने से इनकार करने संबंधी पत्र में उल्लेख किया गया है कि बीजेपी के कई शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी लोग कूचबिहार आएंगे. पत्र में जोर दिया गया है कि इससे जिले की सांप्रदायिक संवेदनशीलता प्रभावित हो सकती है.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के काफिले पर हमला भी हो चुका है: 

बता दें कि बीजेपी का 7 दिसंबर से उत्तर में कूचबिहार से अभियान शुरू करने का कार्यक्रम है. इसके बाद 9 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना जिला और 14 दिसंबर को बीरभूमि जिले में तारापीठ मंदिर से भारतीय जनता पार्टी का रथ यात्रा शुरू करने का कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष पर दिलीप घोष उसी यात्रा के लिए प्रस्तावित मार्ग से निकल रहे थे, तभी उनके काफिले पर हमला हो गया.

पश्चिम बंगाल में 4 अप्रैल 2016 से 5 मई 2016 तक छह चरणों में विधान सभा चुनाव हुए थे. इनमें ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को जीत मिली थी.   ममता  बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को 294 सीटों में से 211 सीटों पर विजय मिली थी और   भाजपा को महज 3 सीट हासिल हुआ था. इससे पहले 2014 के लोक सभा चुनाव में भी बँगला मोदी वेव से अछूता रहा था. और भाजपा को कुल 42 सीटों में केवल 2 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. ऐसे में 2019 के चुनाव में भाजपा उन राज्यों पर फोकस कर रही है, जहाँ 2014 में उसने काफी कम सीटें हासिल की थीं. पश्चिम बंगाल उन राज्यों में ही है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह लगातार बंगाल का दौरा कर रहे हैं. सोशल मीडिया टीम को भी लगातार निर्देश दे रहे हैं. बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है. रथयात्रा भी इसी तैयारी की एक कड़ी है. अमित  शाह का दवा है कि 2019 में भाजपा पश्चिम  बंगाल में 42 में से 22 सीटें जीतेगी. तृणमूल कांग्रेस के संगठन को देखते हुए 2019 में बंगाल में रोचक चुनावी मुकाबला होने की उम्मीद है.  चुनावी परफॉरमेंस ही ममता दीदी के तीसरे फ्रंट  के नेतृत्व का दावा मज़बूत करेगा.


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