200 विमानों के बेड़े के साथ इंडिगो बनी भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी

बेहद आश्चर्य की बात है कि एक तरह जहाँ एयर इंडिया सरकारी नियंत्रण और नौकरशाहों की जकड़ में आकर हांफ रहा है और लगातार नुकसान उठा रहा है और अब इसके विमानों को बेचने की तैयारी में केंद्र सरकार जुटी हुई है, वही दूसरी ओर भारत के किफायती एयरलाइन इंडिगो एयरलाइन्स ने अपनी उपलब्धियों में एक  और उपलब्धि जोड़ लिया है, जब इसके पास कुल 200 विमान हो गये.

इंडिगो एयरलाइन्स ने कहा है कि वह ऐसी पहली घरेलू एयरलाइन बन गई है जिसके बेड़े में 200 विमान हैं. उसके बेड़े में चार नए विमान शामिल हुए हैं जिनमें दो एयरबस ए320 सीओ और दो ए320 नियो हैं. इनके शामिल होने के साथ ही अब बेड़े में विमानों की कुल संख्या 200 तक पहुंच गई है.

इंडिगो सबसे बड़ी घरेलू विमान कंपनी है। कुल घरेलू यातायात में उसकी हिस्सेदारी 40 फीसदी है. उसने अपने बेड़े में 100वां विमान 24 दिसंबर 2015 को शामिल किया था. इस आंकड़े को 200 तक पहुंचने में उसे महज तीन वर्ष का समय लगा.

ज्ञात हो कि इंडिगो भारत में सबसे तेजी से विकसित हो रही सबसे कम कीमत की यात्री सेवा है. इसका हेड ऑफिस गुडगाँव में है. इंडिगो की शुरुआत 2006 के प्रारंभ में इंटरग्लोब इंटरप्राइज के राहुल भाटिया तथा राकेश एस गंगवाल, जो कि यूनाइटेड स्टेट्स में रहने बाले अप्रवासी भारतीय हैं, के द्वारा हुई थी. इस के 51.12% स्टाक इंटरग्लोब के पास हैं तथा 48% गंगवाल की वर्जिनिया स्थित कंपनी कैलम इन्वेस्टमेंट्स के पास हैं.  फरबरी 2012 तक इंडिगो बहुत ही तेजी से विकास कर रही थी तथा इसके लाभ में भी वृद्धि होती जा रही थी. यह ऐसा करने बाली भारत की एक मात्र एयर लाइन थी. इसने किंगफ़िशर को पहली वरीयता से प्रतिस्थापित कर दिया, अब किंगफ़िशर दूसरी सबसे बड़ी विमानन सेवा है.

 


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