कर्जमाफी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक;पार्टियाँ किसानों से कर्ज माफ़ी का वायदा न करे: राजन

नयी दिल्ली: हाल के दिनों में किसानों की दिल्ली में जमघट और किसानों के विरोध प्रदर्शनों में विरोधी दलों के नेताओं के द्वारा खेती की बेहतरी के लिए कर्ज माफ़ी के मुद्दे पर जोर देने से ये मुद्दा लाइमलाइट में आ गया है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस किसानों की कर्ज माफ़ी के मुद्दे को फोकस करके सत्ता में आई है और अब मध्यप्रदेश के नव नियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) कह रहे हैं कि सरकार के गठन होने के दस दिनों के अन्दर किसानों का कर्ज माफ़ कर दिया जाएगा. पर रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन इस पर राजनीतिक दलों से इत्तेफाक नहीं रखते.

पार्टियों द्वारा किसानों की कर्जमाफी (loan waiver) पर रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने कहा कि ये सही नहीं है.  राजन ने कहा कि कर्जमाफी चुनावी वादों का हिस्सा नहीं होना चाहिए. ऐसे कदमों से खेती में निवेश तो रुकता ही है साथ में राज्यों की हालत भी खराब होती है. कर्जमाफी रोकने के लिए उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा है और उचित कदम उठाने का आग्रह किया है.

उन्होंने कहा, ‘खेती की खराब हालत पर गौर करना जरूरी है. लेकिन इस बात पर भी गौर किया जाना चाहिए कि इसका फायदा जरूरतमंदों को नहीं, बल्कि उन किसानों को मिलता है जिनकी पहुंच होती है.’

ध्यान रहे कि रघुराम राजन  के अलावा दूसरे आरबीआई गवर्नर भी कर्ज माफी का विरोध करते रहे हैं. उनका कहना है कि इससे क्रेडिट कल्चर खराब होता है. राजन ने कहा कि अगर सभी राजनीतिक दल ऐसा न करने पर सहमत हों तो यह देश के हित में होगा.


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