GOOD NEWS : राज्य से बाहर नौकरी करनेवाले बिहारियों की मदद के लिए बिहार सरकार खोलेगी प्रवास केंद्र : नीतीश

भागलपुर : अपने प्रदेश को छोड़ दूसरे राज्य में नौकरी करने जाने वालों में बिहारियों की संख्या सबसे ज्यादा है. लेकिन यह एक सच्चाई है कि उन्हें दूसरे राज्यों में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस बात को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार ने उनकी सहायता के लिए ‘प्रवास केंद्र’ की योजना बनायी है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर में कहा है कि नौकरी के लिए प्रदेश से बाहर जाने वाले बिहारियों को अब समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा. उन्होंने घोषणा की कि बड़े शहरों में प्रवास केंद्र बनाये जायेंगे, कुछ दिनों में इसे विदेशों में भी बनाया जायेगा ताकि जब कोई बिहारी नौकरी के लिए अपना घर छोड़कर बाहर जाये तो उसे रहने-खाने की समस्या का सामना ना करना पड़े.
प्रवास केंद्र के कर्मचारी नौकरी करने आये बिहारियों की मदद करेंगे और काउंसिलिंग के जरिये उन्हें हर वो जानकारी देंगे जिसकी जरूरत नये शहरों में होती है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उक्त बातें नियोजन सह अप्रेंटिस मेले के उद्घाटन अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने बताया कि कई बार समस्याओं से घबराकर युवा वापस अपने प्रदेश लौट जाते हैं, लेकिन प्रवास केंद्र उनकी मदद करेगा ताकि वे अजनबी शहरों में भी अपना कामकाज कर सकें. श्रम संसाधन विभाग ने इस संबंध में जानकारी दी थी और प्रवास केंद्र का सुझाव दिया था जिसे बिहार सरकार ने मान लिया है.

सबसे पहले दिल्ली के बिहार भवन व मुंबई के बिहार फाउंडेशन में प्रवास केंद्र खोलने की योजना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे अधिक बिहार के युवाओं की संख्या है. जापान विकसित है, लेकिन वहां युवा उपलब्ध नहीं है. इस कारण जहां युवा अधिक होंगे, वहां रोजगार करने का मौका मिलेगा. खुद को हुनरमंद बनाएं, ताकि रोजगार मिल सके.

मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार विकास मिशन युवाओं में रोजगार के लिए स्किल डेवलपमेंट कर रहा है. इनका लक्ष्य एक करोड़ युवाओं को हुनरमंद बनाना है. सभी विभाग को जिम्मेदारी दी गयी है कि वह अपने स्तर से युवाओं में कौशल विकास के अवसर बनायें. इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और जल संसाधन के क्षेत्र में अवसर तलाशे जायेंगे.

सीएम ने कहा कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, आइटीआइ, नर्सिंग कोर्स खोला जा रहा है. इससे युवाओं को संबंधित पढ़ाई करने के लिए बाहर नहीं जाना होगा. पिछले दिनों विकास मिशन की बैठक में दो जगह इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए विवादित जमीन का रास्ता साफ हो गया और अब वहां काॅलेज खोलना आसान होगा.


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