तेज प्रताप नीतीश कुमार से नाराज हैं, जानिये क्या वजह हो सकती है?

पटना: राजद नेता और राजद सुप्रीमो लालू यादव के सुपुत्र तेज प्रताप यादव नीतीश कुमार से नाराज चल रहे हैं. वे नीतीश कुमार से बात करना चाह रहे थे बंगले के आवंटन के मुद्दे पर; पर नीतीश कुमार ने उनका फ़ोन नहीं उठाया. ऐसे में तेज प्रताप क्रोध में आ गये: मेरे विधायकों को बुला बुला कर बात कर रहे हैं और मेरा फ़ोन नहीं उठाते हैं. जाहिर है उनका इशारा पिछले दिनों राजद के बाहुबली विधायक सरोज यादव की नीतीश कुमार के साथ मुलाक़ात की ओर था. उस मुलाक़ात के बाद राजद और जदयु के बीच आरोप प्रत्यारोप का एक ताजा दौर शुरू हुआ था. जहाँ एक ओर राजद के प्रवक्ताओं का कहना था कि विधायक सरोज यादव अपने क्षेत्र की समस्यायों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गये थे और ऐसा करने में कोई गलत नहीं है; वहीँ जदयू प्रवक्ताओं का दावा था कि राजद के कई विधायक नीतीश कुमार के संपर्क में हैं और समय आने पर वे जदयू में शामिल हो  जायेंगे.

तेज प्रताप यादव का आरोप है कि  मुझे मेरा बंगला चाहिए और ये जान-बूझकर मुझे परेशान करने के लिए एलॉट नहीं किया जा रहा है. सबको तो बड़े आराम से बंगला दे दिया जाता है और मुझे ये लोग परेशान कर रहे हैं. इनकी सब करतूत जनता देख रही है. अब अगर ये लोग नहीं सुनते तो मैं जनता के बीच जाऊंगा और अपनी बात रखूंगा. दिन-ब-दिन इस सरकार का स्तर गिरता जा रहा है, छोटी-छोटी बातों को लेकर ये लोग अपनी कसर निकाल रहे.

तलाक के मुद्दे ने तेज प्रताप को घरवालों से दूर कर दिया है: 

पत्नी से तलाक के मुद्दे पर तेजप्रताप यादव अपने परिवारवालों से अलग थलग पड़ गये हैं. परिवार ने उनका समर्थन नहीं किया है.   तलाक मामले की पहली सुनवाई के लिए तेजप्रताप यादव पटना आए थे लेकिन, वो पटना में रहकर भी अपने घर नहीं गए. ज्ञात हो कि  तेजप्रताप ने दो नवंबर को पटना स्थित परिवार न्यायालय में पत्नी ऐश्वर्या से तलाक को लेकर आवेदन दाखिल किया था. इस मामले की सुनवाई कोर्ट में 29 नवंबर को हुई. तेजप्रताप तलाक का आवेदन देने के बाद से ही घर से दूर रह रहे हैं. वे तलाक मामले की सुनवाई के दौरान पटना पहुंचे थे. इस दौरान वह एक होटल में ठहरे थे.

जानकारी के मुताबिक तेजप्रताप यादव फिर उत्तरप्रदेश पहुंच गए हैं. अपने परिवार और समर्थकों की नजरों से दूर तेजप्रताप यादव बाबा रामदेव के साथ हरिद्वार में हैं. राजद नेताओं का कहना है कि विधानसभा सत्र खत्म होने के सप्ताह भर बाद ही वह पटना से बाहर निकल गए हैं. जब तक उन्हें अपने नाम पर सरकारी बंगला नहीं मिलता वह पटना से दूरी बनाकर रहना चाहते हैं.

ये भी बताया जा रहा है कि घर से दूर रह रहे तेजप्रताप अब पटना तभी वापस लौटेंगे जब उन्हें नया बंगला एलॉट किया जाएगा. तेजप्रताप ने राज्य सरकार से अपने लिए बंगला आवंटित करने की मांग की है. गौरतलब है कि तेजप्रताप को पहले देशरत्न मार्ग स्थित तीन नंबर बंगला आवंटित था. लेकिन मंत्री पद जाने के बाद दारोगा राय पथ स्थित दो फ्लैट उनके नाम से आवंटित किए गए, लेकिन वह उन्हें पसंद नहीं आए. हालांकि उन्हें बंगला मिलेगा या नहीं इसपर अभी संशय है.


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