मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में होगा विपक्ष का महाजुटान; पर ये नेता अनुपस्थित रहेंगे….

कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष का महा जुटान होने जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा के खिलाफ आगामी लोक सभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष की गोलबंदी के रूप में देख रहे हैं. पर इस कहानी में कुछ पेंच आ गया है. राजस्थान और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया, लेकिन वह तीनों राज्यों के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं ले रही हैं. बताया जा रहा है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत नहीं करेंगे. इनके प्रतिनिधि के रूप में भी यूपी से कोई नेता शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जा रहा है.

उधर, एक और झटके के रूप में, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कांग्रेस नेता कमलनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं होंगी. हालांकि तृणमूल कांग्रेस सांसद दिनेश त्रिवेदी कार्यक्रम में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे.

ये बात छुपी नहीं है कि तीसरे मोर्चे का विचार रखने वाली ममता बनर्जी को हाल में नायडू के अलावा दिल्ली और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों क्रमश: अरविंद केजरीवाल और चंद्रशेखर राव के साथ गर्मजोशी से पेश आते हुए  देखा गया था लेकिन यह गर्मजोशी कांग्रेस के लिए नहीं दिखी है.

कुल मिलाकर, ऐसी उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी के राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के 17 दिसम्बर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों सहित दर्जनों विपक्षी नेता दिखाई देंगे. 2019 के लिए मोदी के खिलाफ विपक्षी मोर्चा मजबूत करने में जुटी कांग्रेस पार्टी ने अपने मुख्यमंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह बिलकुल कर्नाटक की तर्ज पर आयोजित करने की योजना बनाई है. इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया तीनों शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं को तीनों राज्यों के शपथ ग्रहण समारोह में आने का निमंत्रण भेजा गया है. इनमें लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, डीएमके के एमके स्टालिन और कनिमोई, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फरंट के बदरूद्दीन, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमों मायावती और जन विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी, आदि नेता शामिल हैं.

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले नेताओं पर भाजपा की भी नज़र रहेगी और उसे यथास्थिति के अनुसार अपनी चुनावी रणनीति बनानी होगी.


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