लालू को जमानत नहीं मिलने पर तेजस्वी राजद के एक्टिंग प्रेसिडेंट बनाए जा सकते हैं

पटना: राजद सुप्रीमो लालू यादव के सुपुत्र और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) जल्द ही राजद के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं. जिस तरह से लालू यादव के जेल से बाहर आने कि संभावना कम ही है, ऐसी परिस्थितीयों में ये कदम जरुरी हो गया है. चारे घोटाले को लेकर लालू यादव 23 दिसम्बर 2017 से ही जेल में हैं. पिछले सप्ताह लालू यादव ने झारखण्ड हाई कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी है. पर अभी उसकी सुनवाई होनी बाक़ी है. लालू की अनुपस्थिति में, जो कि पार्टी  के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लोक सभा चुनाव के दौरान क़ानूनी अर्चन आ सकती है, क्योंकि बिना पार्टी  प्रेसिडेंट के सिग्नेचर के इलेक्शन कमीशन उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल नहीं देगा.

इन परिस्थितियों में राजद नेतृत्व सोच रहा है कि तेजस्वी यादव को राजद का एक्टिंग प्रेसिडेंट  बना दिया जाए. तेजस्वी यादव अभी बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता है. उन्होंने सदन और सदन के बाहर अपने भाषणों से लोगों का ध्यान खींचा है और साथ ही लगातार उन्होंने नीतीश कुमार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार हमला किया है. इसके साथ ही 2019 के लोक सभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ तालमेल बिठाने का प्रयास कर रहे हैं. उनके नेतृत्व में राजद ने सारे ( तीन) उपचुनाव में जीत हासिल किया है- इस साल अररिया लोकसभा और जहानाबाद और जोकीहाट विधान सभा में उपचुनाव हुए और तीनों में राजद को जीत मिली है. ऐसे में राजद के विधायक और साथ ही आम कार्यकर्ताओं का भरोसा तेजस्वी के नेतृत्व में बढ़ा है.

राजद के सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी यादव को राजद (RJD) का एक्टिंग प्रेसिडेंट (Acting President) बनाने के लिए नेशनल एग्जीक्यूटिव कमिटी  की मीटिंग बुलाना महज एक फॉर्मेलिटी है, जो जल्द ही पूरा कर  लिया जाएगा.

हालांकि ये तभी होगा जब झारखण्ड हाई कोर्ट ( Jharkhand High Court) लालू यादव को जमानत देने से इनकार कर देगा. पिछले सप्ताह लालू यादव ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें चारा घोटाले (Fodder Scam) के मामलों में जमानत दी जाए. उन्हें एक मामले में जमानत मिल गयी है.
इसके साथ ही लालू यादव ने ये तर्क भी प्रस्तुत किया था कि आगामी लोक सभा चुनाव को देखते हुए और होने वाली क़ानूनी अरचनों  को देखते हुए उन्हें जमानत दिया जाए.

रांची में लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने कहा, ” हमने झारखण्ड हाई कोर्ट  में रेगुलर बेल के लिए आवेदन दिया है क्योंकि अब तक सीबीआई के गवाहों  में से किसी ने भी लालू यादव की सीधी भागेदारी की ओर इशारा नहीं किया है. इसके अलावा लालू के वकील ने लालू की ख़राब तबियत को भी ग्राउंड बनाया है.

राजद के नेताओं का मानना है कि लालू यादव ( Lalu Yadav) को जमानत मिल जायेगी और अगर ऐसा नहीं होता है, तो आखिरी आप्शन के तौर पर तेजस्वी यादव को पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बिठाना ही एकमात्र उपाय है.

अब ऐसे में ये देखना रुचिकर होगा कि तेज प्रताप इस नयी डेवलपमेंट पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं. हाल के महीनों में दोनों भाईयों में उत्तराधिकार को लेकर कई बार ठनी है, जिसकी ओर मीसा भारती ने भी इशारा किया  था, हालाँकि बाद में उन्होंने अपनी बात वापस ले ली थी.


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