अभिनेत्री योगिता बाली, जिसने किशोर कुमार को तलाक देकर मिठुन से विवाह कर लिया

योगिता बाली 70 और 80 के दशक की ऐसी हीरोइन थीं  जिन्होंने अपनी बड़ी बड़ी आँखों, खुबसूरत जिस्म और जमकर अंग प्रदर्शन से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. अपने करियर में उस दौर के हर बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया, हालाँकि वे कभी प्रथम श्रेणी की अभिनेत्री नहीं बन पायी. पर बॉलीवुड उन्हें आज भी याद रखे हुए है महान गायक किशोर कुमार की तीसरी पत्नी के रूप में और फिर किशोर को तलाक देकर बंगाली बाबू मिठुन चक्रवर्ती से प्रेम और फिर विवाह करने के लिए.

अभिनेत्री योगिता बाली का जन्म 13 अगस्त 1952 को मुंबई में हुआ था. योगिता मशहूर हिरोइन गीता बाली की भतीजी थीं. उनके पिता जसवंत फिल्मों में असिस्टेंट के तौर पर काम करते थे. योगिता बाली ने 1971 में ‘परवाना’ फिल्म से अमिताभ बच्चन के साथ एक्टिंग डेब्यू किया. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन नेगेटिव रोल में थे और उस समय राजेश खन्ना का दौर था और वे संघर्ष कर रहे थे. आगे चलकर योगिता बाली ने विनोद खन्ना, देव आनंद, संजीव कुमार, राजेश खन्ना, रणधीर कपूर और सुनील  दत्त जैसे बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया लेकिन उन्हें वांछित जगह नहीं मिली.

उन दिनों किशोर मधुबाला के जीवन-दीप को तिल-तिल बुझते देखने के बाद एकदम अकेले से हो गए थे.  नयी अभिनेत्री योगिता बाली के साथ उन्हें फिल्म ‘जमुना के तीर’ में साथ काम करने का मौका मिला. फिल्म तो आधी-अधूरी रह गई पर दोनों के प्रेम की गाडी चल निकली. योगिता बाली और किशोर दोनों एक-दूसरे को चाहते थे इसलिए दोनों ने शादी करने का फैसला किया. लेकिन घरवाले दोनों के रिश्ते के खिलाफ थे बावजूद इसके दोनों ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर 1976 में शादी कर ली.

24 वर्षीय योगिता ने 1976 में 47 वर्षीय किशोर कुमार से शादी कर ली. किशोर कुमार की यह तीसरी शादी थी. लेकिन यह शादी ज्यादा नहीं चली और दो साल बाद ही दोनों के बीच तलाक हो गया और इसकी वजह बना योगिता के जिंदगी में नए प्यार का आगमन. उसी दौरान मिठुन चक्रवर्ती बॉलीवुड में धूमकेतु की तरह उभरे. उन्हें लंबूजी और अमिताभ जैसी कदकाठी के होने से सेकण्ड अमिताभ मान लिया गया था. मिठुन के साथ योगिता की फिल्म ख्वाब (1980) की शूटिंग चल रही थी. मिठुन अपनी पहली पत्नी हेलेना ल्यूक को तलाक दे चुके थे. दोनों ने अपने भावी जीवन के ख्वाब साथ-साथ देखने शुरू कर दिए  और शादी करने का मन बना लिया. फिल्मकार शक्ति सामंत इस रोमांस के गवाह रहे हैं. दोनों ने 1979 में शादी कर ली.

इस अफेयर और शादी से किशोर कुमार इतने नाराज हुए कि उन्होंने फिर कभी मिथुन चक्रवर्ती के लिए गाना नहीं गाया. किशोर का मिठुन के लिए नहीं गाना बप्पी लहरी के लिए वरदान साबित हुआ. इस दौरान वे मिठुन चक्रवर्ती की आवाज बन कर उभरे और कई फिल्मों में गाने गाये, जो काफी हिट साबित हुए.

प्रीतिश नंदी के साथ अपने  इंटरव्यू में किशोर कुमार ने कहा था कि योगिता बाली के साथ उनकी शादी सिर्फ एक मजाक थी क्योंकि योगिता बाली अपनी मां को लेकर ज्यादा पजेसिव थीं और शादी के लिए उन्होंने कभी गंभीरता नहीं दिखाई. दोनों के मिजाज भी अलग थे. जहाँ किशोर एक घरेलु पत्नी की कल्पना करते थे, जो उनका घर संभालती, वहीँ योगिता बाली इसके लिए तैयार नहीं थीं.

पक्की सहेली रेखा से मिला धोखा

पर किशोर योगिता का पहला प्यार नहीं थे. कहा जाता है कि योगिता बाली की फिल्म इंडस्ट्री में पहला अफेयर अभिनेता किरण कुमार से हुआ था. अभिनेत्री रेखा योगिता बाली की पक्की सहेली थीं. योगिता रेखा को अपने और किरण के रिश्ते के बारे में सब कुछ बताती थीं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेखा के घर पर ही योगिता और किरण अक्सर मिला करते थे. देखते ही देखते किरण कुमार योगिता बाली से ज्यादा रेखा में रुचि लेने लगे. पक्की सहेली से मिले इस धोके से योगिता बाली का दिल टूट गया हालाँकि रेखा और किरण कुमार की दोस्ती भी ज्यादा नहीं चली. किरण कुमार के पिता और अभिनेता जीवन को इस रिश्ते से सख्त एतराज था. किरण कुमार ने आखिरकार पिता की  जिद के आगे घुटने टेक दिये और रेखा से दूरी बना ली.

और मिथुन की कहानी में श्रीदेवी की एंट्री

पर योगिता बाली की मिठुन  से शादीशुदा जिंदगी ज्यादा समय तक खुशहाल नहीं रही. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1984 में मिथुन और श्रीदेवी की नजदीकियां बढ़ने लगी थीं. खबरों के मुताबिक मिथुन और श्रीदेवी ने चुपचाप शादी भी कर ली थी.मिथुन की शादी की खबर सुनते ही योगिता बाली ने सुसाइड की कोशिश की थी. इसके बाद मिथुन ने श्रीदेवी को छोड़ दिया था. मिथुन और योगिता के चार बच्चे हैं, जिसमें तीन बेटे हैं और एक बेटी को उन्होंने गोद लिया है.

बड़े बड़े अभिनेताओं के साथ काम करने का मौक़ा मिला: 

 

उनके शुरुआती दौर की फिल्म ‘परवाना’ (1971) आज इसलिए याद की जाती है कि उसमें अमिताभ बच्चन ने नकारात्मक रोल किया था. उसमें योगिता के हीरो थे नवीन निश्चल तथा उन पर फिल्माया गया एक गीत ‘पिया की गली लागे भली’ काफी हिट हुआ था. गुरुदत्त के भाई आत्माराम की ‘मेमसाब’ (1971) एक सस्पेंस थ्रिलर थी, जिसमें योगिता के हीरो थे विनोद खन्ना. ‘समझौता’ (1973) में उनके हीरो उभरते कलाकार अनिल धवन थे, तो उसी साल ‘बनारसी बाबू’ में वे सदाबहार देव आनंद की हीरोइन के रूप में आईं. इसमें देव साहब का डबल रोल था और दूसरी हीरोइन थीं राखी. इसके बावजूद योगिता के करियर को कोई खास लाभ नहीं हुआ. वे अधिकतर फिल्मों में दूसरी हीरोइन या चरित्र भूमिका में ही नजर आने लगीं. ‘नागिन’ (1976) में कलाकारों की भीड़ में वे भी थीं, तो ‘चरित्रहीन’ (संजीव कुमार-शर्मिला), ‘अजनबी’ (राजेश खन्ना-जीनत अमान) आदि में उन्होंने छोटी भूमिकाएं निभाईं. ‘चाचा भतीजा’ (1977) में वे रणधीर कपूर के साथ थीं. महमूद  द्वारा निर्देशित ‘जनता हवलदार’ (1979) में योगिता को राजेश खन्ना के साथ काम करने का मौका मिला, लेकिन तब तक राजेश खन्ना का दौर समाप्त हो चुका था. आरके बैनर की ‘बीवी ओ बीवी’ (1981) में योगिता को संजीव कुमार के साथ कॉमेडी करने का मौका मिला, लेकिन मुख्य हीरो रणधीर कपूर, हीरोइन पूनम ढिल्लन तथा डबल रोल में संजीव कुमार के होते हुए योगिता पर किसी का ध्यान नहीं गया. ‘लैला’ (1984) में योगिता सुनील दत्त की पत्नी और अनिल कपूर की मां के रोल में आईं.
मिथुन चक्रवर्ती से शादी करने के बाद योगिता बाली ने फिल्मों में काम करना जारी रखा था लेकिन 1989 में उन्होंने पूरी तरह से फिल्मों को अलविदा कह दिया. आज योगिता बाली बेशक रूपहले परदे पर नहीं दिखतीं लेकिन 2013 में आई फिल्म ‘एनिमी’ से वो प्रोड्यूसर बन गईं. अपनी इस फिल्म के जरिए योगिता बाली ने बेटे मिमोह चक्रवर्ती यानि महाक्षय को लॉन्च किया लेकिन ये फिल्म बुरी तरह असफल रही.
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