2 हफ्ते में कांग्रेस खाली करे नेशनल हेराल्ड हाउस, नहीं तो होगी कार्रवाई: दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

नयी दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कांग्रेस को 2 सप्ताह में नेशनल हेराल्ड हाउस खाली करने का निर्देश दिया है.​ जस्टिस सुनील गौर ने कहा कि AJL को दो हफ्ते के अंदर आईटीओ स्थित परिसर को खाली करना होगा. इसके बाद सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों को बेदखल करना) कानून 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी.


ज्ञात हो कि हेराल्ड हाउस खाली करने के लिए केंद्रीय भूमि एवं विकास प्राधिकरण ने आदेश जारी किया था. इस आदेश के खिलाफ नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली कंपनी एजेएल हाईकोर्ट गई थी. आदेश में केंद्र और भूमि व विकास कार्यालय (L&DO) ने कहा था  कि पिछले कम से कम दस साल से परिसरों में कोई भी प्रेस नहीं चल रहा है. इसका इस्तेमाल कॉमर्शियल उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, जो लीज़ के नियम के खिलाफ है.

एजेएल ने 2008 में घाटे के वजह से नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन बंद कर दिया था. भाजपा का आरोप है कि प्रकाशन शुरू करने के लिए गांधी परिवार ने हजारों करोड़ रुपए एजेएल के रियल एस्टेट कारोबार में लगाए हैं. 12 नवंबर को नेशनल हेराल्ड ने एक ट्वीट में कहा था कि अखबार डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, इसलिए भाजपा उसे निशाना बना रही है.

नेशनल हेराल्ड केस में हाईकोर्ट ने 11 सितंबर को राहुल गांधी और सोनिया गांधी के आयकर दस्तावेजों की दोबारा जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट का कहना था कि आयकर विभाग को टैक्स प्रक्रिया की दोबारा जांच करने का अधिकार है. अगर याचिकाकर्ताओं को कोई शिकायत है तो इसके लिए वे विभाग के पास जा सकते हैं.

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया था  कि राहुल गाँधी और सोनिया गांधी ने 2010 में यंग इंडिया लि. नाम से कंपनी बनाई थी  और जवाहरलाल नेहरु द्वारा स्थापित एसोसिएट्स जर्नल लिमिटेड (एजेएल) की संपत्तियों को अधिग्रहित कर लिया. 2012 में स्वामी ने दावा किया था कि कांग्रेस ने नियमों का उल्लंघन कर एजेएल को 90 करोड़ रुपए कर्ज दिया था.


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