मीजल्स रुबैला टीकाकरण अभियान: जागरूकता के लिए राज्यस्तरीय परामर्शी कार्यशाला आयोजित

बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन  के द्वारा मीजल्स रुबैला टीकाकरण अभियान के बारे में जागरूकता के लिए धर्मगुरुओं  के साथ राज्य स्तरीय परामर्शी कार्यशाला का आयोजन

 

यूनिसेफ, पटना, 20 दिसम्बर, 2018:  बिहार इंटरफेथ फॉरम फॉर चिल्ड्रेन और यूनिसेफ के द्वारा राज्य स्तरीय परामर्शी कार्यशाला का आयोजन किया गया  इस अवसर पर यूनिसेफ बिहार के कार्यक्रम प्रबंधकशिवेंद्र पांड्या, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ हुबे अली, संचार विशेषज्ञ सुश्री निपुण गुप्ता, खानकाह मुनेमिया के सज्जादानशी प्रो शमीमुद्दीन अहमद मुनैमी, इमारते अहले अंसार के मुफ़्ती साहिद नदवी, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी से ब्रह्कुमारी ज्योति, सेवा केंद्र से अलोईसियास,  सिस्टर उर्मिला  और विकासर्थ से सुनीता सिंह के साथ ही अन्य सदस्य उपस्थित रहे.

 

यूनिसेफ के कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र पांड्या ने सभी धर्मगुरुओं का स्वागत करते हुए कहा कि धर्मगुओं का बच्चों के  स्वास्थ्य, पोषण से काफी पहले से जुड़ाव रहा है. पोलियो के उन्मूलन में धर्मगुरुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. किसी सन्देश से ज्यादा महत्वपूर्ण संदेश देने वाले होते हैं. समुदाय का आप पर विश्वास है ऐसे में १५ जनवरी से बिहार में शुरू होने वाले खसरा रुबैला टीकाकरण अभियान में आपका सहयोग अपेक्षित है. राज्य में  मीजल्स रूबेला कैंपेन में यूनिसेफ एक प्रमुख भागीदार है और राज्य सरकार को इस पहल में तकनीकी सहयोग कर रहा है.

खानकाह मुनैमिया के सज्जादानशींप्रोफेसर शमीमुद्दीन अहमद मुनामी ने कहा कि यह जानना जरूरी नहीं है कि यह कहा से आया कि यह जानना महत्वपूर्ण है कि इसका क्या उपयोग है। किसी भी टीकाकरण का लाभ या हानि किसी भी व्यक्ति द्वारा निर्धारित नहीं की जा सकती है। वे विशेषज्ञ निर्णय ले सकते हैं। सोशल मीडिया पर हर अनधिकृत वार्तालाप पर भरोसा न करें। आधिकारिक स्रोतों के बिना सोशल मीडिया पर भरोसा न करें।  उन्होंने इस सम्बन्ध में और भी रिसर्च और आकडे उपलब्ध करवाने का आग्रह किया.उन्होंनेआशा जताई कि मीजल्स रुबैला के टीके से बिहार के बच्चोंको सुरक्षित किया जाएगा.

ब्रह्कुमारी ज्योतिने इसे निजी विद्यालाओं में करवाने कि प्रक्रिया के बारे में जानना चाहाजिसका उतर देते हुए निपुण गुप्ता ने कहा कि  इसे सभी सरकारी विद्यालाओं के साथ ही, मदरसोंऔर निजी विद्यालयों में भी किया जा रहा रहा है.

मुफ़्ती साहिद नदवीने साझा कि गई जानकारियोंकी सराहना करते हुए कहा कि बिहारकेपोलियो अभियान की तरह ही इसको लेकर भी एक व्यापक और साझाप्रयास करनेऔर सभी लोगो तक सही जानकारीपहुचाना बहुत ही जरुरी है .

खसरा रुबैला टीकाकरण के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए यूनिसेफ (UNICEF) के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ हुबे अली ने कहा कि  यह एक संक्रामक बीमारी है. खसरा और रूबेला की रोकथाम के लिए पहली बार सिर्फ एक वैक्सीन दी जा रही है. यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित है जिसका निर्माण पुणे के सेरम इंस्टिट्यूट में हुआ है. यह अभियान विश्व के 116 देशों और भारत के 6 राज्यों में चल रहा है. अब तक यह टीका भारत के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 18.3 करोड़ बच्चों को सुरक्षित लगाया जा चुका है. बिहार में इस अभियान का लक्ष्य 4 करोड़ है. पूरे विश्व में मीजल्स से होने वाले मृत्यु में से 36 प्रतिशत भारत में होता है. Lancet 2015: Global Causes of U5MR के अनुसार रुबैला के कारण हर साल बिहार में 4000 बच्चों की मृत्यु हो जाती है जिन्हें इस टीकाकरण के माध्यम से बचाया जा सकता है.

 

यूनिसेफ की संचार विशेषज्ञ निपुण गुप्ता ने कहा कि बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन के सदस्य संस्थाओं ने इस साल यूनिसेफ और विकासर्थ ट्रस्ट के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया है जिसके लिए मैं इनकी आभारी हूँ. बिहार इन्टर फेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन  की यह सोच थी कि सभी धर्मगुरु एक मंच पर आये और बच्चों के बेहतरी के लिए एक साथ मिलकर काम करें. एम आर टीकाकरण के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि स्कूलोंमेंटीकाकरण के दौरान बच्चों को आधे घंटे तक मॉनिटर किया जाता है. स्कूल शिक्षक यह सुनिश्चित कर ले कि बच्चे खली पेट न हो

 

खुले सत्र के दौरान प्रतिभागियों के प्रश्नों के जवाब में डॉ अली ने कहा इस टीकाकरण से पहले बच्चों को नास्ता करवाना आवश्यक है क्योकिं यह बहुत जरुरी है किएमआर के टीके के पहले बच्चे भूखे न हो.ब्रह्मा  कुमारी  शिवानीने पूछा कि नियमित टीकाकरण के  कितने दिनों के बाद खसरा रुबैला के टीके को लगाया जा सकता है इसके जवाब में उन्होंने कहा कि एक दिन के बाद मीजल्स और खसरा के टीके को लगवाया जा सकता है.

 

कार्यक्रम के दौरान बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन के ब्रोशर का विमोचन धर्मगुरुओं और  गणमान्य अतिथियों के द्वारा किया गया. हिंदी और इंग्लिश में बना यह ब्रोशर, बिहार इंटरफेथ फोरम के उद्देश्यों, गतिविधियों और अन्य जानकारियों पर आधारित है .

 


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