सोमालिया में बम विस्फोट में कम से कम 15 लोगों की मौत; 20 घायल

मोगादिशु: शनिवार को आत्मघाती बम विस्फोट में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गयी और कम से कम 20 लोग घयाल हो गये. मोगदिशु उस समय दहल गया जब एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से भरी कार को राष्ट्रपति भवन के गेट से टकरा दिया. गेट पर स्थित सुरक्षाकर्मी इसकी चपेट में आ गये और उनकी तत्काल मौत हो गयी. मृताक्कों में लन्दन स्थित यूनिवर्सल सोमाली टीवी के कई स्टाफ भी शामिल थे. इस हमले की जिम्मेवारी वैश्विक संगठन अल कायदा से जुड़े संगठन अल शबाब ने ली है. सोमालिया के नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी के अधिकारीयों ने बताया कि इस आत्मघाती हमले के मास्टरमाइंड को पकड़ लिया गया है.

ज्ञात हो कि अफ्रीकी देश सोमालिया लम्बे समय से आतंकी संगठन अल कायदा और सरकार के बीच जंग का मैदान बना हुआ है. 90 के दशक में सोमालिया में अल कायदा ने अमेरिकी जंगी जहाज पर भी विस्फोट किया था और अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया था.

2017 नवम्बर में अमेरिकी बलों ने सोमालिया में मंगलवार को अल कायदा से संबद्ध अल-शबाब समूह के खिलाफ हवाई हमला किया था, जिसमे 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. 2018 सितम्बर में सोमालिया के सुरक्षाबलों और अल शबाब के आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में अल-शबाब के 35 आतंकवादी ढेर हो गए थे.

अमेरिका ने इस साल अब तक 20 एयरस्ट्राइक अल-कायदा के संगठन अल-शबाब पर किए हैं. अल-शबाब को अफ्रीकी देशों में सबसे खतरनाक आतंकी संगठन माना जाता है. अल-शबाब के खिलाफ अमेरिकी सैन्य बलों के ऑपरेशनों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की सख्ती के बाद से पिछले एक वर्ष में दर्जनों हवाई हमले किए गए हैं.

एक ब्रितानी थिंक टैंक के अनुसार ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद कमजोर पड़ा अल कायदा का नेतृत्व अफ्रीका में स्थानीय इस्लामी गुटों के सहयोग के साथ अपनी संस्था में ‘नई ऊर्जा फूँकने, एकजुट होने और विश्व में जिहाद दोबारा शुरु करने’ के प्रयास कर रहा है.

रॉयल यूनाइटेड सर्विसिज़ इस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार अफ्रीका के पश्चिमी भाग में माली से लेकर नायज़र, नाईजीरिया, सोमालिया और पूर्व में कीनिया तक क्षेत्रीय अस्थिरता फैली हुई है.

रिपोर्ट के अनुसार, “अल कायदा अफ्रीका में अस्थिर जगहों का फायदा उठाकर, वर्तमान इस्लामी गुटों से सांठगांठ कर सकता है. सोमालिया में ऐसा पहले ही हो रहा है और देश के बड़े भाग पर नियंत्रण वाला अल शबाब इस्लामी संगठन अल कायदा में शामिल हो गया है और उसके पास कई विदेशी लड़ाके हैं.”

इस रिपोर्ट के अनुसार अल कायदा ने अफ्रीकी इस्लामी गुटों को लड़ाके, पैसा, हथियार और अन्य सामग्री दी है और नाइजीरिया जैसे देश में चरमपंथी संगठन बोको हराम जैसे स्थानी गुटो के भी तार अल कायदा से जुड़े पाए गए हैं और वे खतरनाक चरमपंथी हमले भी कर रहे हैं.

इस थिंक टैंक का कहना है कि इसका असर ब्रिटेन पर भी हो रहा है और ब्रिटेन में सोमाली युवा कट्टपंथ की ओर बढ़ रहे हैं.

रिपोर्ट में अंत में कहा गया है कि पश्चिमी अफ्रीका से पूर्वी अफ्रीका तक संभवत: एक नई निर्णायक लहर चल रही है जिससे आगे उथल-पुथल हो सकता है.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.