श्रद्धांजलि: कैप्टेन जयनारायण निषाद, जो मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट से चार बार सांसद चुने गये थे

नयी दिल्ली: सोमवार को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में कैप्टेन  जय नारायण निषाद के देहांत के साथ बिहार के एक दिग्गज नेता का अंत हो गया. हालाँकि अभी वे राजनीति में एक्टिव नहीं थे और अस्वस्थ भी चल रहे थे, पर उन्होंने बिहार की राजनीति पर अपनी छाप छोड़ी थी. लालू यादव और नीतीश कुमार दोनों के करीबी, पर साथ ही अपनी राजनीतिक पकड़ के बारे में किसी तरह का संदेह न रखने वाले कैप्टेन जयराम निषाद मुज़फ्फरपुर लोक सभा सीट से चार बार सांसद चुने गये थे. वे बिहार की मल्लाह जाति से आते थे.

निषाद के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि दिल्ली के मैक्स अस्पताल में सोमवार को निषाद ने अंतिम सांस ली. कुछ दिन पहले ही इलाज के लिए उन्हें दिल्ली के इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे बीते 11 दिसंबर को सुबह टहलने के दौरान गिर जाने के बाद सिर में चोट लगने के कारण बीमार थे. उनका अंतिम संस्कार हाजीपुर में गंगा तट पर मंगलवार को किया जाएगा. निषाद (88) के परिवार में एक पुत्र अजय निषाद और चार पुत्रियां हैं. फिलहाल  अजय निषाद मुजफ्फरपुर से भाजपा के सांसद हैं.

18 नवंबर 1930 को जन्मे और हाजीपुर के रहने वाले  जयनारायण निषाद चार बार लोकसभा सदस्य चुने गए और 1996 से 1998 तक केंद्रीय राज्य मंत्री रहे. इसके अलावा वे एक बार राज्य सभा सदस्य भी रह चुके थे. अप्रैल 2008 में उन्होंने दल बदल विरोधी कानून के तहत राज्य सभा की सदस्यता छीन ली गयी थी.

2009 में वे जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर मुजफ्फरपुर से लोक सभा सांसद चुने गए थे, पर ये जानते हुए भी कि नीतीश कुमार के नरेन्द्र मोदी के साथ तल्ख़ सम्बन्ध हैं, वे गुजरात जाकर नरेंद्र मोदी से मिले और उनकी तारीफ में कहा: नरेन्द्र मोदी एक प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं और उनमे देश का नेतृत्व करने की क्षमता है. वे गुजरात में शानदार काम कर रहे हैं और इसके लिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए.”

इतना ही नहीं, मार्च 2013 में नरेन्द्र मोदी के प्रधान मंत्री बनने के लिए उन्होंने हवन भी किया.

जब उनसे सवाल किया गया कि क्या इस हरकत के लिए पार्टी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर सकती है, तो उन्होंने बेफिक्री से कहा कि मै पांच दल बदल चूका हूँ, पर हर बार मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट से ही चुना गया हूँ.

वे सबसे पहले 1996 में जनता दल के टिकट से लोकसभा के लिए चुने गये. फिर 1998 में राजद के टिकट पर, 1999 में जदयू के टिकट पर,  और फिर 2009 में जदयू के ही टिकट पर लोक सभा सांसद चुने गए. 2014 में उन्होंने अपने बेटे अजय निषाद के लिए सीट खाली कर दी और अजय निषाद भाजपा के टिकट पर फिलहाल मुजफ्फरपुर लोक सभा सीट से सांसद हैं.

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी समेत बिहार के तमाम दिग्गज नेताओं ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया है.


नीतीश कुमार ने ऐलान किया कि कैप्टन निषाद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ संपन्न होगा.


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