लोकसभा चुनाव 2019 : पूर्वी चंपारण सीट को लेकर घमासान जारी

पटना : बिहार में भाजपा और जदयू किन-किन 17 -17 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ी करेगी इसका फैसला अगले कुछ दिनों में हो जायेगा, लेकिन महागठबंधन ने अपने विरोधियों को हराने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है.

इसी क्रम में बिहार के पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट पर केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह को हराने की तैयारी चल रही है. चूंकि राधामोहन सिंह मजबूत उम्मीदवार हैं इसलिए उनका टिकट कटने की संभावना बहुत कम है. राधामोहन सिंह के खिलाफ किसी ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत भी नहीं की है.

1 सितम्बर 1949 को जन्मे 69 वर्षीय राधाम मोहन सिंह फिलहाल केंद्र सरकार में कृषि मंत्री हैं. वे 2006 से 2009 तक बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. वे सबसे पहले 11वी लोक सभा में चुन कर गये थे. इसके बाद 13वी, 15वी और फिर अभी 16वी लोक सभा के सदस्य हैं.
युवावस्था से श्री सिंह आरएसएस के स्वयंसेवक रहे हैं. पहले वे जन संघ के सदस्य बने और फिर 1980 में जब भाजपा बनी, तो वे भाजपा में शामिल हो गये.

लेकिन महागठबंधन की ओर से राजद, कांग्रेस, कुशवाहा और मुकेश सहनी की पार्टी अपना-अपना दावा प्रस्तुत कर रही है, लेकिन इस सीट पर राजद का प्रत्याशी ही अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर पायेगा, ऐसा क्षेत्र के जानकारों का कहना है. राजद के पूर्व विधायक राजेश रंजन को टिकट दिये जाने की चर्चा हो रही है.

क्या है सीट पर जातीय गणित

पूर्वी चंपारण सीट पर सहनी, कुशवाहा, यादव और मुस्लिम मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं, हालांकि सवर्ण वोटर भी यहां ताकत दिखाने की स्थिति में हैं. ऐसे में एमवाई समीकरण के साथ राजद यह सीट अपने नाम कर सकता है.

क्या है सीट का इतिहास
इस सीट पर राधामोहन सिंह पिछले पांच चुनावों से जीत दर्ज कर रहे हैं, जिसके कारण यह वीआईपी सीट बन गया है. ऐसे में उनका विजय रथ रोकना महागठबंधन के लिए चुनौती है. अब देखना यह होगा कि राजद किस तरह की सोशल इंजीनिरिंग कर यह सीट अपने नाम करते हैं. चूंकि सहनी और कुशवाहा भी इस बार उनके साथ है, इसलिए इस जाति के वोटर्स उनके साथ आयेंगे इसमें कोई दो राय नहीं है.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.