रोजगार: बिहार में बाल विकास परियोजनाओं में भारी वैकेंसी; जानिये नौकरी की क्या शर्ते हैं?

पटना : इस साल बिहार में नौकरियों के कई अवसर आने वाले हैं. इसी सन्दर्भ में बाल विकास परियोजनाओं (ICDS) में महिला पर्यवेक्षिका के 2413 खाली पदों को इस साल भर दिया जायेगा. 50% पद जिला स्तरीय चयन समिति के माध्यम से संविदा पर और शेष 50% पद आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं को प्रोन्नति देकर भरा जायेगा. इसके लिए समाज कल्याण विभाग के द्वारा आवश्यक तैय्यारी की जा रही है.
विभागीय अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि  पूर्व से तैनात स्थायी महिला पर्यवेक्षिकाओं को प्रोन्नति देकर  सीडीपीओ बनाया जायेगा.  समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) से  जुड़े सूत्रों ने बताया कि विभाग में महिला पर्यवेक्षिका के  75% पद  खाली हैं.
 प्रदेश में 94 हजार  आंगनबाड़ी केंद्र हैं. इन केंद्रों के लिए  महिला पर्यवेक्षिकाओं के 4213 पद स्वीकृत हैं. वर्तमान में करीब 1800  पर्यवेक्षिका ही काम कर रही हैं. यानी 2413 पद खाली हैं.
स्थायी रूप से पूर्व से जो भी महिला पर्यवेक्षिका तैनात हैं, उन्हें फिलहाल प्रभारी सीडीपीओ (CDPO) के पद पर रखा जायेगा.  महिला पर्यवेक्षिका के रिक्त पदों को भरने में नियमों को छूट देने का निर्णय लिया गया है. पहले यह शर्त थी कि नियुक्ति होने के तीन माह के अंदर अभ्यर्थी को दोपहिया वाहन चलाना सीखना होगा. इस अनिवार्यता को अब सरकार ने खत्म कर दिया है.

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