क्या भाई वीरेंद्र राम कृपाल की राह पकड़ेंगे? तेजप्रताप की जिद, मीसा पाटलिपुत्र से चुनाव लड़ें

पटना:  राजद में एक बार फिर पाटलिपुत्र लोक सभा सीट पर पेंच फंसता नज़र आ रहा है. अभी तक की चर्चा के अनुसार, राजद विधायक भाई वीरेंद्र के पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही थी, पर अचानक से एक बार फिर मीसा भारती का नाम उछलकर सामने आ रहा है. दरअसल इसकी वजह है राजद सुप्रीमो लालू यादव के बेटे तेज प्रताप की घोषणा. तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को जनता दरबार के दौरान ऐलान किया  कि इस बार भी पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से उनकी बड़ी बहन मीसा भारती ही चुनाव लड़ेंगी और आज से ही वो चुनाव प्रचार की शुरुआत भी कर रहे हैं.

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मीसा भारती मेरी बहन हैं और मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं. वहीं, आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र की उम्मीदवारी को खारिज करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र से मीसा भारती ही चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि वो मनेर से चुनाव प्रचार की शुरूआत करेंगे.
बता दें कि  लालू और तेजस्वी भी चाहते हैं कि यहां से आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र चुनाव लड़े. ऐसे में भाई तेज प्रताप और बहन मीसा की जिद चुनाव के वक्त मुश्किल खड़ी कर सकती है. मीसा भारती ने भी अगले चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, इसीलिए पाटलिपुत्र क्षेत्र में उनके समर्थकों ने जनता को नए साल और मकर सक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए पोस्टर लगाए हैं.
अभी मीसा भारती राजद के टिकट पर राज्य सभा सदस्य हैं और बतौर राज्यसभा सांसद उनका कार्यकाल 2022 में समाप्त होगा. ऐसे में उम्मीद ये की जा रही थी कि वे राज्यसभा सांसद के तौर पर ही कंटिन्यू करेंगी और पाटलिपुत्र की सीट भाई वीरेंद्र के हिस्से जायेगी. इससे पहले 2014 में मीसा भारती पाटलिपुत्र लोक सभा सीट से चुनाव लड़ चुकी थीं. उस समय उन्हें एक समय लालू यादव के घनिष्ठ और “चाचा” राम कृपाल यादव ने हराया था. उस समय भी बात चल रही थी कि राम कृपाल यादव को पाटलिपुत्र से राजद बतौर उम्मीदवार खड़ा करेगी. पर ऐसा हुआ नहीं.
अब 2019 लोक सभा चुनाव नज़दीक है और फिर से मीसा भारती के नाम पर तेज प्रताप मुहर लगा रहे हैं. तो सवाल उठ रहे हैं कि क्या भाई वीरेंद्र भी राम कृपाल यादव की राह लेंगे?
बता दें कि पाटलिपुत्र लोक सभा सीट राजद सुप्रीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण सीट है. यहाँ से लालू यादव खुद भी 2009 में चुनाव हार चुके हैं जब एक समय उनके निकटतम सहयोगी रंजन यादव ने बतौर जदयू उम्मीदवार उन्हें हराया था और फिर उनकी बेटी मीसा भारती भी 2014 में  चुनाव हार चुकी हैं, जब एक बार फिर राजद सुप्रीमों के हनुमान कहे जाने वाले राम कृपाल ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर मीसा को हराया था.
भाई वीरेंद्र मनेर से राजद विधायक हैं. उन पर बोलते हुए तेज प्रताप ने कहा: ‘उनका क्या कद है? पाटलिपुत्र सीट से मीसा भारती ही चुनाव लड़ेंगी.’ भाई वीरेंद्र ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा: आरजेडी नेता ने कहा, ”कौन क्या बोलता है, इसका मुझे परवाह नहीं. अगर लालू यादव चाहेंगे तो मैं पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा. अगर टिकट नहीं मिला तो भी कोई बात नहीं. कुछ विरोधी पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं.’
राजनीतिक विश्लेषक इसे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के बीच वर्चस्व और नेतृत्व की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं. तेज प्रताप राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती के करीब माने जाते हैं, जबकि तेजस्वी यादव को पिता लालू यादव का आशीर्वाद मिला हुआ है और पिता लालू यादव की अनुपस्थिति में उन्होंने खुद को पार्टी के नेता के रूप में स्थापित भी किया है.

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