आज मंडल डैम परियोजना का उद्‌घाटन करेंगे पीएम मोदी, बिहार-झारखंड को मिलेगा लाभ, झारखंड में विरोध

पटना/रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार-झारखंड के वर्षों से लंबित पड़े ‘मंडल डैम’ परियोजना का उद्‌घाटन करेंगे इसके लिए वे आज सुबह गया पहुंच रहे हैं. यहां से वे झारखंड के पलामू जिले में स्थित कार्यक्रम स्थल जायेंगे. वे आज झारखंड के पलामू जिले में लगभग 27,212 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे.

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मंडल डैम के साथ-साथ सोन नदी से जुड़ी एक परियोजना का भी शिलान्यास करेंगे. इन परियोजनाओं से बिहार एवं झारखंड दोनों ही राज्यों को फायदा मिलेगा. मंडल डैम परियोजना से बिहार के औरंगाबाद जिले के किसानों को बहुत फायदा होगा. क्षेत्र के सांसद सुशील सिंह ने इस अवसर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 5 जनवरी 2019 का दिन किसानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा जब प्रधानमंत्री खुद अपने कर कमलों द्वारा इस डैम का उद्‌घाटन करेंगे. उन्होंने इस अवसर पर जनता को बधाई दी.

रघुवर दास ने निरीक्षण किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को देखते हुए कल झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास मेदिनीनगर पहुंचे और क्षेत्र का दौरा किया. उन्होंने कहा कि 1972 से ‘मंडल डैम’ परियोजना का काम बंद है. अब इसपर केंद्र सरकार की ओर से काम किया जायेगा. साथ ही पलामू जिले को भी कई सौगात मिलेंगे. सोन नदी के जरिये भी पाइप लाइन के माध्यम से पलामू प्रमंडल में पानी पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि मंडल डैम परियोजना का कार्य पूरा हो जाने से कृषि के लिए प्रकृति पर जो निर्भरता है, वह कम होगी और किसानों को इसका लाभ होगा. साथ ही किसानों के पलायन पर भी रोक लगेगी.

मंडल डैम परियोजना से क्या होगा लाभ
1972 में जब बिहार और झारखंड एक राज्य था तब मंडल डैम परियोजना की शुरुआत हुई थी. इस डैम का उद्देश्य झारखंड और बिहार के खेतों को पानी उपलब्ध कराना था. लेकिन आज तक यह परियोजना शुरू नहीं हो पायी है. अब जबकि इसपर पुन: कार्य शुरू हो रहा है . परियोजना का लगभग पूरा खर्च केंद्र सरकार उठा रही है.  बिहार सरकार को मात्र 213 तथा झारखंड सरकार को मात्र 31 करोड़ रुपये इस परियोजना पर खर्च करना है. इस परियोजना से झारखंड की 19,604 हेक्टेयर भूमि तथा बिहार की 91,917 हेक्टेयर भूमि को खेती की सुविधा मिल जायेगी. इस परियोजना से कुल 1,11,521 हेक्टेयर भूमि में खेती की संभावना है. यह काम 2020 तक पूरा कर लिया जायेगा. इस डैम से झारखंड के पलाम, गढ़वा और बिहार के औरंगाबाद जिले को लाभ मिलेगा.

डैम का विरोध
मंडल डैम परियोजना से करीब आठ गांवों के लोग विस्थापित होंगे और जंगल की कटाई भी होगी इसलिए इस परियोजना का विरोध झारखंड में शुरू हो गया है. झारखंड के सामाजिक कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि इस डैम से बिहार को ज्यादा लाभ होगा और नुकसान झारखंड का हो रहा है इसलिए भी डैम का विरोध शुरू हो गया है. विरोध को रोकने के लिए डीसी ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में कुछ भी काला लेकर यह पहनकर आने पर प्रतिबंध लगाया था जिसे बाद में वापस ले लिया गया.


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