पटना यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी आधुनिक होगी; डिजिटल की जा रही है

पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में  रेगुलर बुक्स के अलावा दुर्लभ पांडुलिपियों का  भी संग्रह है.  पटना विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में रामायण महाभारत और कई भाषाओं में हाथ से लिखी गई पुस्तकों का संग्रह है.  इसके अलावा  पटना विश्वविद्यालय का पुस्तकालय दुर्लभ पांडुलिपि मुगलकालीन किताबों का संग्रह माना जाता है.
 एक अनुमान  है कि 15 जनवरी तक शताब्दी वर्ष मना कर पुस्तकालय को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाएगा. विद्यार्थी एक क्लिक पर कंप्यूटर से सारी किताबों का अध्ययन कर सकेंगे. वहीं, सभी किताबों के पेज पर बारकोडिंग भी की जाएगी. शिक्षकों और छात्रों को यूजर आईडी पासवर्ड भी दिया जाएगा.

पुस्तकालय के इंचार्ज रविंद्र कुमार ने कहा कि डिजिटल करने के लिए तीन कंपनियां अपना प्रजेंटेशन दे चुकी हैं. इसे 15 जनवरी तक फाइनल किया जाएगा.  अप्रैल तक सभी पुस्तकों को स्कैन करने का लक्ष्य रखा गया है. सभी किताबों के हर पेज की अलग-अलग कोडिंग होगी. उस आधार पर लोग अपनी पसंद के अनुसार पेज आगे कर किताबें पढ़ सकेंगे.


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