लालू यादव की जमानत याचिका खारिज; लालू समर्थक निराश; मंगल पाण्डेय ने कसा तंज

रांची: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. देवघर-दुमका और चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में राजद सुप्रीमो की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज किया है. लालू यादव की ओर से स्वास्थ्य को आधार बताकर बेहतर इलाज के लिए जमानत की गुहार लगायी गयी थी. ज्ञात हो कि लालू यादव कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और डोक्टरों की राय में उन्हें बेहतर इलाज की जरुरत है,  लेकिन कोर्ट ने उनकी गुहार पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया  और याचिका को खारिज कर दिया. न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने लालू प्रसाद की जमानत याचिका को खारिज करने का निर्णय सुनाया.

लालू प्रसाद यादव ने याचिका के माध्यम से कोर्ट को बताया था  कि वह कई बीमारियों से ग्रसित हैं. जिनका इलाज वे बाहर रहकर कराना चाहते हैं.  साथ ही उन्होंने ये आश्वासन भी दिया था कि वे जमानत की सभी शर्तों को मानेंगे.


ज्ञात हो कि चारा घोटाले मामले में लालू ने जमानत को लेकर याचिका दायर की थी. 4 जनवरी को सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई पिछली दो तारीखों से टल रही थी. मामले में पिछली तिथि की सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने लालू प्रसाद यादव की ओर से पक्ष रखा था. सुनवाई के दौरान सीबीआई के द्वारा कोर्ट से मेरिट के आधार पर बहस के लिए समय मांगा गया था. कोर्ट ने समय देते हुए 4 जनवरी की तिथि निर्धारित की थी. आज 10 तारीख को कोर्ट का फैसला आया है.

 

जमानत खारिज होने की खबर से लालू समर्थकों में निराशा छा गयी. उन्हें उम्मीद थी कि मकर संक्रांति के अवसर पर वे अपने समर्थकों और परिवार के साथ पटना में होंगे और फिर लोक सभा की चुनावी रणनीति को अंजाम देने में जुटेंगे. राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने इस फैसले पर कहा कि कोर्ट से हमलोगों को उम्मीद थी कि लालू प्रसाद को राहत मिलेगी लेकिन बेल रद्द होने से हम लोग आहत हैं.

वही भाजपा नेता और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  ने लालू यादव पर तंज कसते हुए कहा: महागठबंधन के नेताओं को अब अपनी चुनावी कार्यालय होटवार जेल में खोल लेनी चाहिए. क्योंकि अब महागठबंधन के नेताओं को लालू जी का चुनावी मार्गदर्शन वही से मिलने वाला है.


उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस कॉर्डिनेशन कमेटी बिहार में सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय करने बैठी है या होटवार जेल के कैदी नंबर 3351 से सीटों का समझौता करने, कौन कौन जायेगा और कौन कौन सी सीटों पर चर्चा करनी है.  इसकी कमेटी बनाने के लिए बैठी है.

फिलहाल लालू यादव के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता बचा हुआ है. पर अगर उन्हें वहां से भी जमानत नहीं मिलता है, तो फिर राजद में कानूनी आधार पर तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना तय हो जाएगा. क्योंकि पार्टी कैंडिडेट को सिंबल लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास जाना पड़ता है, और ये काम बार बार रांची जाकर नहीं हो पायेगा. इसमें बहुत व्यवहारिक बाधाएं हैं.


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