बिहार में पॉलिथीन पर बैन रहेगा या हटेगा; पटना हाई कोर्ट 15 जनवरी को फैसला सुनाएगा

इस मामले पर हाईकोर्ट 15 जनवरी को फैसला सुनाएगा. जस्टिस ज्योति शरण की खंडपीठ ने संगीता प्लास्टिक व अन्य की अपीलों पर सुनवाई की. राज्य सरकार ने 14 दिसंबर, 2018 से शहरी क्षेत्रों में पॉलीथिन पर पूरी तरह से रोक लगा दिया था. इसी को चुनौती देते हुए अपील दायर की गई थी.
गौरतलब है कि राज्यभर में पॉलीथिन उपयोग पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया. वहीं, पॉलीथिन बैन का उल्लंघन करने पर अलग-अलग जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है.
बता दें कि बिहार में 13 दिसंबर से प्लास्टिक थैले के उपयोग पर आर्थिक दंड लगाने का फैसला लिया गया.  राज्य सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसकी तैयारी तो अंजाम दिया. दरअसल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा प्लास्टिक थैली के प्रतिबंध को लेकर जारी अधिसूचना में पुराना स्टॉक खत्म करने को 60 दिन का वक्त दिया गया था. यह समयसीमा 12 दिसंबर को खत्म हो रही थी. इसके बाद राज्य में किसी भी मोटाई की प्लास्टिक थैली का प्रयोग नहीं होने देने का निर्णय लिया गया.शहरी क्षेत्र में पॉलीथिन पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने का जिम्मा नगर विकास विभाग को तो ग्रामीण क्षेत्र में यह जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग को सौंपी गयी.  हालांकि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में विभिन्न विभागों के दर्जनभर से अधिक पदाधिकारियों को कार्रवाई के लिए प्राधिकृत किया गया है.

नगर विकास विभाग द्वारा जुर्माना लगाने को नया बॉइलाज बनाया  गया. 15 अक्टूबर को प्रकाशित इस बॉइलाज  में सौ रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया.  वहीं जनता को जागरूक करने के लिए तमाम प्रचार सामग्री भी तैयार कराई गयी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद राज्य की जनता को पॉलीथिन के दुष्प्रभाव गिनाते हुए, इसका प्रयोग न करने का आग्रह  करते आये हैं.


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