गुंजन खेमका हत्याकांड मामले में लापरवाही के लिए मनु महाराज को कारण बताओ नोटिस जारी

दरसअल गुंजन खेमका ने अपनी सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड की मांग करते हुए 6 जुलाई 2018 को पुलिस मुख्यालय को आवेदन दिया था. खेमका ने इससे पहले जिला स्तर पर भी आवेदन दिया था. जिसपर कोई सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद गुंजन खेमका ने पुलिस मुख्यालय में फिर से सूचना दी थी.

तमाम मामलों की जांच कर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10 जुलाई को लॉ एंड ऑर्डर के एडीजी आलोक राज ने आईजी (सुरक्षा) बच्चू सिंह मीणा और पटना के तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश जारी किया था. इसके बावजूद जांच के नाम पर मामला अटका रहा और 5 महीने बाद भी उनको सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई और 20 दिसंबर को गुंजन खेमका की हत्या हो गई. इस घटना के बाद डीजीपी केएस द्विवेदी ने आईजी( सुरक्षा) बच्चू सिंह मीणा और तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज को इस मामले में शोकॉज जारी किया है. उन्हें पूरी स्थिति स्पष्ट कर जल्दी जबाव देने के लिए कहा गया है.

पुलिस मुख्यालय के आदेश की अवहेलना करने का यह पहला मामला नहीं है. बॉडीगार्ड मुहैय्या कराने से संबंधित ऐसे कई मामले हैं, जिसमें मुख्यालय के आदेश के बाद भी जिला स्तर पर इसका अनुपालन नहीं हो रहा है. शीर्ष अधिकारियों का आदेश नीचे के अधिकारी नहीं मान रहे हैं. प्राप्त सूचना के अनुसार 50 से भी अधिक मामले में मुख्यालय के आदेश के बावजूद भी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है.
बताते चलें कि उद्योगपति और भाजपा नेता गुंजन खेमका की हत्या की साजिश हाजीपुर जेल से रची गई थी. पुलिस जांच में खेमका की हत्या के पीछे जमीन विवाद के अलावा रंगदारी की बात भी सामने आ रही है. सूत्रों की मानें तो हाजीपुर -सोनपुर छपरा मुख्य मार्ग पर गुंजन खेमका द्वारा खरीदी गए चौदह बीघे के प्लॉट पर वहां के भूमाफिया की नजर थी. खेमका से पैसे ऐंठने के लिए उससे रंगदारी में मोटी रकम मांगी जाने लगी थी. इसी पर खेमका ने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी, जिस पर तत्कालीन एसएसपी ने समय रहते ध्यान नहीं दिया.

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